लाटघाट। सगड़ी तहसील के देवरांचल वासियों के लिए दु:स्वप्न बन चुकी घाघरा का जलस्तर एक बार फिर से बढ़ने लगा है। नदी का जलस्तर बढ़ने के साथ ही कटान धीमी हो गई। कटान कम होने से ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है लेकिन घाघरा के बढ़ते जलस्तर ने उनकी चिंताओं को कम नहीं होने दिया है। शुक्रवार को बदरहुंआ गेज पर 17 सेमी और डिघिया गेज पर 22 सेमी की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई। गुरुवार को बदरहुंआ गेज पर नदी का जलस्तर 70.15 मीटर दर्ज किया गया था जो शुक्रवार की शाम को 17 सेमी बढ़कर 70.32 मीटर पर पहुंच गया। यहां पर नदी का खतरा बिंदू 71.68 मीटर है। वहीं डिघिया गेज पर गुरुवार को नदी का जलस्तर 69.35 मीटर दर्ज किया गया था। जो शुक्रवार को 22 सेमी बढ़कर 69.57 मीटर हो गया। यहां पर नदी का खतरा बिंदू 72.10 मीटर है। नदी का जलस्तर बढ़ने के साथ ही कटान धीमी पड़ गई है। तटवर्ती गांव के लोगों ने कटान कम होने से राहत महसूस की है। तटवर्ती गांव देवारा खास राजा के त्रिलोकी का पुरवा के लोग राहत की सांस लिए। फिर भी ग्रामीण अपने सामान को हटा रहे हैं । आबादी क्षेत्र में कटान रुक रुक कर हो रही है। लोगों को इस बात की चिंता सता रही है कि कब कटान तेज हो जाए और उनके आशियाने नदी में विलीन हो जाएं। त्रिलोकी के पुरवा के 18 परिवार जो घाघरा नदी के कटान से दहशत में बने हुए हैं वहीं घाघरा में विलीन हो चुके मुराली का पुरवा के 19 लोगों को अभी तक मुआवजा व जमीन नहीं मिली। देवारा खास राजा के त्रिलोकी का पुरवा निवासी बहादुर यादव और सजगू यादव का कहना है कि कटान कब शुरू हो जाएगी कोई ठीक नहीं है। जिससे हम लोग अपने मड़ई, नाद, खूंटा, अनाज आदि लेकर सुरक्षित स्थानों पर जा रहे हैं।