आजमगढ़। राष्ट्रीय उलमा कौंसिल के जिलाध्यक्ष शकील अहमद ने फौजिया की कब्र खुदाई के बाद पुलिस जीप पर हुए पथराव की घटना से मौलाना आमिर रशादी के परिवार को जोड़े जाने की घटना की निंदा की।
उन्होंने कहा कि पुलिस वाहन पर पथराव करना अत्यंत घिनौना कृत्य है। इसे पूर्वाग्रह से प्रेरित होकर कौंसिल के नेताओं को जोड़ना निंदनीय है। उन्होंने कहा कि अगर उलमा कौंसिल के कार्यकर्ता या मौलाना आमिर रशादी का परिवार विरोध करता तो वह क्यों लाश को कब्र से निकाले जाने और पोस्टमार्टम कराए जाने के पक्ष में बात करता। सवाल यह भी खड़ा होता है कि सभी काम सकुशल संपन्न हो जाने के बाद पुलिस की गाड़ी पर क्यों पथराव करेंगे। राष्ट्रीय उलमा कौंसिल के युवा प्रदेश अध्यक्ष नूरुलहुदा ने कहा कि मदरसे के पास सीसी कैमरा लगा हुआ है। उसमें सारी घटना रिकार्ड है। पुलिस को चाहिए कि वह पहले सीसी कैमरे के फुटेज को देखे फिर कोई कदम उठाए। नेताद्वय ने घटना को लेकर एक पक्षीय कार्यवाई न करे। उन्होंने घटना की निष्पक्ष जांच कराए जाने की मांग की है।