आजमगढ़। सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती जिले में राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में धूमधाम से मनाई गई। इस मौके पर स्कूल, कॉलेजों और सरकारी दफ्तरों में विभिन्न आयोजन हुए। शहर समेत ग्रामीण क्षेत्र के स्कूलों से रैली निकाली गई। नारों और स्लगनों से राष्ट्रीय एकता का संदेश दिया गया। साथ ही अधिकारियों और कर्मचारियों को राष्ट्रीय एकता, अखंडता और सुरक्षा को बनाए रखने के लिए शपथ दिलाई और लौह पुरुष के पदचिह्नों पर चलने का आह्वान किया गया।
फूलपुर और ग्रामीण इलाकों में पटेल जयंती राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाई गई। कोतवाली परिसर में सीओ एसके सिंह, तहसील परिसर में एसडीएम अनिल कुमार सिंह ने बल्लभ भाई पटेल के चित्र पर माल्यापर्ण किया। एकता और अखंडता की शपथ दिलाई गई। अहरौली में एकता दौड़ और रैली निकाली गई। उदैना महाविद्यालय में एकता दौड़ का आयोजन हुआ। राजकीय महिला महाविद्यालय समदी में शपथ दिलाई गई। भाजपा कार्यालय, मां शारदा पीजी कॉलेज में भी आयोजन हुए। अतरौलिया के पटेल मेमोरियल इंटर कॉलेज में जयंती के साथ विद्यालय का स्थापना दिवस और वार्षिकोत्सव मनाया गया। इस दौरान रंगारंग कार्यक्रम पेश किए गए। प्रबंधक जितेंद्र सिंह गुड्डू, ब्रह्मनाथ सिंह, दिन ेश प्रताप सिंह, अजीत कुमार सिंह उपस्थित थे। अंबारी में गया प्रसाद स्मारक राजकीय महिला महाविद्यालय जयंती मनाई गई। इन्द्रभान यादव, रंजना चौबे, प्रतीक्षा पाण्डेय, डा. यादवेन्द्र आर्य उपस्थित रहे। शहर के राजकीय पालिटेक्निक के सभागार में जयंती मनाई गई। दीप प्रज्जवलन प्रधानाचार्य इफ्तेखार अहमद ने किया। धीरेन्द्र सिंह, देवाशीष श्रीवास्तव, प्रेमानन्द पटेल, सिकन्दर मौजूद रहे। योग मंच की ओर से योगाचार्य देवविजय यादव के सानिध्य में शहर के विभिन्न मोहल्लों में जागरण यात्रा निकाली गई। प्राथमिक शिक्षक संघ की बैठक में ब्लाक अध्यक्ष अनिल सिंह ने बताया कि सरदार पटेल का जीवन ही देश की एकता और अखंडता को संजोने में बीत गया।
एकता और अखंडता की शपथ ली
आजमगढ़। कमिश्नरी में आयोजित कार्यक्रम में मंडलायुक्त के. रविंद्र नायक ने कहा कि एकता, अखंडता और सुरक्षा का संदेश सभी नागरिकों तक पहुंचाना हम सबका कर्तव्य है। सरदार पटेल दृढ़इच्छा शक्ति और अडिग विश्वास के धनी थे। इससे पूर्व उन्होंने सरदार वल्लभ भाई पटेल के चित्र पर माल्यापर्ण कर श्रद्धासुमन अर्पित किया। अपर आयुक्त राजेन्द्र कुमार, संयुक्त विकास आयुक्त हरिश्चन्द्र वर्मा, उपायुक्त खाद्य एवं रसद, सहायक आयुक्त औषधि राजीव बिन्दल, सहायक आयुक्त खाद्य चन्द्र किशोरमौजूद रहे। जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह ने कलेक्ट्रेट सभागार में लौह पुरुष के चित्र पर मार्ल्यापण किया। कहा कि सरदार पटेल ने स्वतंत्र भारत को एकसूत्र में पिरोया। इस मौके पर एडीएम प्रसाशन लवकुल कुमार त्रिपाठी, एडीएम वित्त एवं राजस्व बीके गुप्ता, सीआरओ आलोक कुमार वर्मा, आदि उपस्थित रहे। वहीं देवखरी में पतंजलि योग पीठ की ओर से किसान संगोष्ठी का आयोजन जिला इकाई के पांचों संगठनों के संयुक्त तत्वाधान में हुई। पशुपालन विभाग के एलसी वर्मा और कृर्षि वैज्ञानिक एलवी सिंह ने किसानों को पशुपालन एवं खेती-बाड़ी से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दीं।
समारोह पूर्वक मनाई जयंती
लाटघाट। धीरज स्मारक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कादीपुर में सरदार पटेल की जयंती धूमधाम से मनाई गई। प्रधानाचार्य बृजकिशोर शर्मा ने छात्रों को जानकारी दी। परमानंद संस्कृत महाविद्यालय में प्राचार्य काशीनाथ शुक्ला ने पटेल जयंती के बारे में लोगों को बताया। पटेल इंटर कॉलेज सुरैना में राम सकल सिंह पटेल की अध्यक्षता में जयंती मनाई गई। गोष्ठी भी हुई। मुख्य अतिथि गोरखपुर विश्वविद्यालय के प्रो. अनिल राय ने कहा कि सरदार वल्लभ भाई पटेल को स्मरण इतिहास के उज्ज्वल संदर्भ को वर्तमान से जोड़ना है। बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी के प्रो. साकेत कुशवाहा ने कहा कि सरदार पटेल सच्चे राष्ट्र हितैषी थे। शहीदों के परिजन और पिता को प्रतीक चिह्न देकर सम्मानित किया गया। इसमें बिरजू पटेल, राजनाथ यादव, सीताराम, शारदा देवी शामिल थीं।
इंदिरा गांधी और पटेल को याद कर किया नमन
आजमगढ़। जिला कांग्रेस कमेटी कार्यालय पर मंगलवार को पूर्व प्रधानमंत्री स्व. इंदिरा गांधी की पुण्यतिथि और सरदार वल्लभ भाई पटेल का जन्म दिवस मनाया। दोनों नेताओं को याद करते हुए उनके चित्र पर श्रद्धा सुमन अर्पित किया।
जिलाध्यक्ष हवलदार सिंह ने कहा कि इंदिरा गांधी ने देश को आत्म निर्भर बनाने और एकता, अखंता को अक्षुण रखने में हमेशा याद की जाएगी। भारत के दुश्मन इंदिरा जी का हमेशा लोहा मानते थे। यही कारण था कि उन्हें आइरन लेडी भी कहा जाता रहा है। उन्होंने हरित क्रांति लाकर देश को आत्म निर्भर बनाया। सरदार बल्लभ भाई पटेल ने आजादी के बाद छोटी-छोटी बिखरी हुए रियासतों को एक कर देश को मजबूती प्रदान किया। वह लौह पुरुष के नाम से जाने जाते थे। इस अवसर पर लालसा राय, त्रिभुवन दुबे, बेलाल अहमद, मुन्नू यादव, रनबहादुर सिंह, गुफरान अहमद, चंद्रपाल यादव, ब्रजेश नंदन पांडेय, आशुतोष द्विवेदी, मालती मिश्रा, अरुण मिश्रा, डा. सुधाकर राम सहित अनेक कांग्रेसी उपस्थित रहे।