आजमगढ़। प्रेममूर्ति युवा संत सर्वेश महाराज ने कहा कि जो मनुष्य अपने जीवन को सफल बनाना चाहता है उसे नियमानुसार चलना चाहिए, क्योंकि जीवन में अगर संयम व नियम नहीं है तो वह मनुष्य नहीं है।
सर्वेश महाराज ने उक्त बातें बाबा भंवरनाथ मंदिर में चल रहे संगीतमय श्री राम कथा के दूसरे दिन कहीं। सर्वेश महाराज ने कहा कि वाहन चलाते समय हमें नियमों का पालन अवश्य करना चाहिए, चाहे वह छोटे वाहनों या बड़े वाहन, दिनों-दिन भारत में दुर्घटनाएं बढ़ती जा रही है और लोग काल का ग्रास बन रहे हैं और यह कहीं ना कहीं नियमों की अनदेखी से हो रहा है। उन्होंने राजा दक्ष द्वारा आयोजित यज्ञ और माता सती के शरीर परित्याग की कथा का वर्णन बड़े ही सुंदर ढंग से किया। कहा कि कथा सुनना भी भक्ति है, दूसरी भक्ति कीर्तन तीसरी प्रभु का अर्चन चौथी वंदना पांचवी मंत्र जाप छठवीं अच्छे कर्म के साथ परमार्थ की सोच सातवीं समभाव आठवीं संतोष और नौवीं भक्ति साधु.संतों के वचनों पर विश्वास करना ये सब प्रभु को प्राप्त करने के माध्यम है।