आजमगढ़। कमिश्नर कनक त्रिपाठी की कार्रवाई और अपने ऊपर लगे आरोपों से प्राधिकरण के कार्यों में आश्चर्यजनक तेजी आ गई है। जिन 106 अवैध निर्माण को लेकर कमिश्नर ने एडीए पर सिर्फ नोटिस जारी कर औरचारिकता पूरी करने के आरोप लगाए थे, सोमवार को एडीए सचिव ने सभी के खिलाफ अचानक से ध्वस्तीकरण आदेश पारित कर दिया। निर्माण करने वालों को 30 दिन के भीतर इसे स्वयं हटाने का निर्देश दिया गया है। समयावधि बीतने पर धव्स्तीकरण में आने वाला व्यय वसूलने और अर्थदंड लगाने की भी चेतावनी है। एडीए की इतनी बड़ी कार्रवाई से शहर में खलबली मचनी तय है।
कमिश्नर कनक त्रिपाठी ने पिछले दिनों एडीए के सचिव, एई और जेई पर गंभीर आरोप लगाए थे। कई लोगों के किए गए शमन में गलत दरों के प्रयोग का आरोप लगाया था। साथ ही शहर में हुए 106 अवैध निर्माण पर प्राधिकरण पर सिर्फ नोटिस जारी करने तक सीमित रहने का आरोप लगाया था। ये भी कहा था कि मिलिभगत कर प्राधिकरण के अधिकारी अवैध निर्माण करा रहे हैं। इन आरोपों के बाद एडीए के कार्यों में सोमवार को जबरदस्त तेजी देखी गई। हालांकि इस आदेश को कमिश्नर की कार्रवाई से नाराजगी के रूप में भी देखा जा रहा है। एडीए सचिव की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि अवैध निर्माण पर संज्ञान में आने के बाद निर्माण रोकने, कारण बताओ नोटिस जारी की जाती है। इनके खिलाफ वाद योजित किए जाते हैं। सुनवाई के बाद ध्वस्तीकरण के आदेश होते हैं। कमिश्नर की ओर से जारी किए आदेश के अनुपालन में सभी 106 अवैध निर्माणकर्ताओं को 30 दिन के भीतर अपने निर्माण स्वयं हटाने के निर्देश दिए गए हैं। अन्यथा की दृष्टि में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई में आने वाले व्यय और अर्थदंड की वसूली भी की जाएगी। इसके साथ ही कहा कि बिना मानचित्र स्वीकृति के कहीं निर्माण न करें। अन्यथा सीलबंदी या ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जा सकती है।