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बंद चल रही समितियां, खाद-बीज के लिए किसान परेशान

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लाटघाट। केंद्र व प्रदेश सरकार किसानों की आय दो गुनी करने का दावा कर रही है, लेकिन आय दोगुनी होगी कैसे इस पर कोई कवायद नहीं हो रही। सगड़ी तहसील क्षेत्र के दो ब्लाकों में ही दो दर्जन भर समितियां डिफाल्टर घोषित है और जो संचालित भी हो रही है वहां किसानों को खाद अतिरिक्त दाम लोग उपलब्ध कराया जा रहा है। जिससे किसानों में आक्रोश व्याप्त है। अजमतगढ़ ब्लाक क्षेत्र की 16 समितियों में से 9 समितियां तो वहीं हरैया ब्लाक के 17 समितियों में से 13 समितियां डिफाल्टर घोषित है। अजमतगढ़ में सात व हरैया में चार साधन सहकारी समिति ही संचालित हो रही है। 2012 में क्षेत्र के सभी समितियों को राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत 50-50 हजार की सहायता उपलब्ध कराई गई थी। इसके बाद भी समितियों के सचिवों की लपरवाही के चलते डिफाल्टर घोषित हुई समितियां खुद को जीवित नहीं कर सकी। जो समितियां संचालित हो रही है, उन पर किसानों से खाद व बीज के दामों में अतिरिक्त धनराशि की वसूली की जा रही है। डीएपी खाद की बोरी पर 1340 रुपये मूल्य लिखा हुआ है, लेकिन सचिवों द्वारा किसानों से 1380 रुपये की वसूली की जा रही है। एडीओ कोआपरेटिव अजमतगढ़ ने रामानंद यादव का कहना है कि सचिवों की लापरवाही के चलते यह स्थिति हुई है। वहीं ऐसा ही कुछ आरोप एडीओ कोआपरेटिव गोपलधर दूबे का भी है। दोनों ब्लाकों पर 54 हजार से अधिक किसान पंजीकृत है। इसके बाद भी समितियों पर किसानों का शोषण हो रहा है। किसान श्री निवास पटेल, अमृत सिंह, रामप्रकाश, उदयराज, राकेश, वेद प्रकाश, पलटन, लालचंद आदि कहना है कि समितियों पर किसानों का भरोसा है, जिसका फायदा सचिवों द्वारा उठाया जा रहा है और अतिरिक्त वसूली की जा रही है। शिकायत के बाद भी कोई सुनवाई संबंधित विभाग नहीं कर रहा है।
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