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एसडीएम निजामाबाद ने आरोपों की जांच से किया इंकार

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आजमगढ़। नगर पंचायत निजामाबाद के कुछ सभासदों ने जिलाधिकारी से बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार करने और नगर पंचायत अध्यक्ष के आचरण की शिकायत की थी। एसडीएम निजामाबाद के नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी होने की वजह से जांच से इंकार करने से एसडीएम फूलपुर को जांच अधिकारी बनाया गया है। सभासद विजय कुमार सोनकर, गिरजा, रेशमा अंजुम, मुसर्रत बानों, ज्योति धर्मेंद्र गौड़ आदि ने डीएम को सौंपे ज्ञापन में आरोप लगाया कि वर्ष 2012 से 2017 के बीच पांच स्वागत द्वार बनाए गए जो उन्हीं जगहों पर बने हैं जिन पर पूर्व से भी स्वागत गेट लगा था। नगर पंचायत निजामाबाद में ठेके पर 21 कर्मचारियों की नियुक्ति की गई है जो नगर पंचायत नियमावली के विपरीत है। वित्तीय वर्ष 2015-16 और 2016-17 में नगर पंचायत निजामाबाद द्वारा जितने भी विकास कार्य कराए गए वह सभी एकाधिकार पूर्वक बिना बोर्ड को संज्ञान में लाए कराए गए हैं। निजामाबाद टैक्सी स्टैंड के पास स्थित नगर पंचायत की जमीन को नगर पंचायत अध्यक्ष द्वारा उसे कब्जा करा दिया गया। 2015-16 और 2016-17 में नगरीय सुधार योजना के तहत सड़क निर्माण कार्य भी मानक के विपरीत कराया गया। नगर पंचायत अध्यक्ष द्वारा 2012 से 2017 के बीच 50 लाख रुपये का नाला निमार्दण में व्यय होना दिखाया गया है जब उक्त नाला पुराना है जो प्रमुख के कोटे से बना है। सभासदों ने आरोप लगाया कि इसी तरह से नगर पंचायत में व्यापक भ्रष्टाचार किया गया है। जिसकी जांच जरूरी है। इस पर एडीएम प्रशासन ने एसडीएम फूलपुर को जांच अधिकारी नामित करते हुए जांच कर आख्या उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।
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