मार्टिनगंज। प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण में अपात्रों को आवास आवंटन के नित नए मामले सामने आ रहे हैं। इसी क्रम में मार्टीनगंज विकास खंउ के टेवखर गांव में किसी के नाम पर आवंटित आवास को दूसरे के नाम पर बनाने का मामला प्रकाश में आया। शिकायत के बाद हुई जांच में मामला सत्य पाए जाने पर खंड विकास अधिकारी ने आवास का कार्य देख रहे लिपिक से वसूली का निर्देश दिया है। विकास खंड मार्टीनगंज की ग्राम पंचायतों में आवास विहीन पात्रों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 2011 सर्वे सूची के आधार पर प्रधानमंत्री आवास आवंटित करने का आदेश शासन द्वारा प्राप्त है। लेकिन अधिकारियों कर्मचारियों की मिलीभगत से जहां पात्रों का नाम सूची से काट दिया जा रहा है वहीं अपात्रों को खुलेआम पैसा लेकर आवास आवंटित किया जा रहा है। इतना ही नहीं सूची में नाम किसी का और आवास किसी को दिया जा रहा है। ग्राम पंचायत टेवखर निवासी अशर्फी लाल ने खंड विकास अधिकारी पीसी राम के यहां शिकायत की कि उनके भाई मेवालाल पुत्र रामयश राम जो मुंबई में टेलीफोन विभाग में कार्यरत हैं उनके नाम प्रधानमंत्री आवास सर्वे सूची 2011 में था। उनके नाम पर आवंटित आवास को गांव के ही प्यारे लाल पासवान पुत्र काशी को दे दिया गया। इस शिकायत को संज्ञान में लेते हुए खंड विकास अधिकारी ने सहायक विकास अधिकारी सहकारिता प्रमोद कुमार सिंह से जांच कराई। जांच में यह स्पष्ट हुआ कि मेवालाल के नाम की जो आईडी थी उनको ना देकर गांव के ही दूसरे व्यक्ति प्यारेलाल को दे दिया गया जो अवैध है। जांचोपरांत खंड विकास अधिकारी ने तत्कालीन आवास लिपिक अवध बिहारी मौर्या के खिलाफ प्रधानमंत्री आवास के लिए अवैध रूप से आवंटित धनराशि की रिकवरी का निर्देश दिया।