बरसात से पूर्व ही बाढ़ से बचाव और राहत कार्यों के लेकर मुख्यमंत्री ने सोमवार को लखनऊ में प्रशासनिक अधिकारियों की मीटिंग ली। मीटिंग में जिलाधिकारी शिवाकांत द्विवेदी ने भी भाग लिया। इस दौरान उन्होंने खस्ताहाल हो चुके महुला-गढ़वल बांध और बांध नदी के बीच के विद्यालयों के जीर्णोद्धार के लिए धन की मांग उठाई। दैवी आपदा के तहत पांच करोड़ और आपदा राहत विभाग से 1.70 करोड़ की डिमांड की।
शासन बरसात से पहले ही बाढ़ से बचाव और राहत कार्यों को लेकर तैयारियां पूरी कर लेना चाहता है। इसी क्रम में जिला स्तर बाढ़ स्टीयरिंग कमेटी की बैठक के बाद सोमवार को प्रदेश स्तर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी जिले के अधिकारियों की बैठक लेकर इस संबंध में जानकारी ली। साथ ही सभी को बाढ़ से बचाव और राहत कार्यों के बारे में निर्देश गए। डीएम शिवाकांत द्विवेदी ने सभी को स्पष्ट रूप से कहा था कि गया कि दैवी आपदा से होने वाले नुकसान की जानकारी और उन्हें पहुंचाई गई राहत की तुरंत विभाग को उपलब्ध कराई जाए। इस दौरान जिलाधिकारी ने 42 किमी लंबे महुला-गढ़वल बांध की मरम्मत और फ्लड एरिया स्थित स्कूलों के जीर्णोद्धार के लिए शासन से धन की डिमांग की। बताया कि बांध को कुछ स्थानों पर चूहों और अन्य जानवरों ने नुकसान पहुंचाया है। बाढ़ से पहले इसकी मरम्मत जरूरी है। फ्लड एरिया के विद्यालय बाढ़ में पानी से घिर जाते हैं। इससे उन्हें भी नुकसान हुआ है और मरम्मत की जरूरत है। दैवी आपदा के तहत शासन से पांच करोड़ और संबंधित विभाग से 1.70 करोड़ की डिमांड की गई है। शासन से उन्हें आश्वासन मिला है।
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शासन से बांद की मरम्मत और फ्लड एरिया स्थित स्कूलों के जीर्णोद्धार के लिए धन की डिमांड की गई है। इसके साथ ही ज्वाइंट कमेटी बनाकर बांध पर अब तक हुए कार्यों की भी जांच कराई जाएगी। बाढ़ से पहले ही बचाव के उपाय पूरे कर लिए जाएंगे।
शिवाकांत द्विवेदी, जिलाधिकारी