जहानागंज। कस्बा में स्थित बगईचा मुहल्ले मे मंगलवार की सुबह पीजीआई के प्राचार्य डां आर पी शर्मा के नेतृत्व में डाक्टरों की टीम ने लोगों को टीबी नामक बीमारी के विषय में विस्तार से बताया। साथ ही लोगों का परीक्षण भी किया गया। टीबी के विषय में डा. आरपी शर्मा ने बताया कि विश्व में सबसे अधिक टीबी के मरीज भारत में हैं। इसलिए इसके रोक थाम और जागरूकता पर बल दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जो टीबी का मरीज अपना ईलाज बीच में छोड देता है और समय से दवा नही करता है उसको बाद में एमआर डीटीबी मल्टी ड्रग रजिस्टेंट टीबी हो जाती है। यह इतनी खतरनाक है की इसकी दवा महगी और साईड इफेक्टेड हो जाती है। इस समय भारत मे प्रति वर्ष सत्तर हजार एमडीआर टीबी के मरीज हो रहे है। उन्होने आगे बताया कि अगर पन्द्रह दिन से ज्यादा खासी आए, या खासी मे खून आए तो तुरंत नजदीकी सरकारी अस्पताल में अपनी जांच कराए और टीबी होने पर पूरे कोर्स की दवा करे। जानकारी देने के बाद डाक्टरों की टीम कस्बे के हाजी मंजूर, हाजी बसीर, हाजी इद्रीश, मु रहीमएलल्लू, इकबाल अहमद के घर जाकर टीबी की जांच किया गया। इस अवसर पर डा. आनन्द विहार, डा. नियाज हुसैन, डां पवन विश्वकर्मा आदि मौजूद रहे। टीम के साथ आशा बहुएं भी उपस्थित थी।