फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पीड़ित मानवता की सेवा का लिया संकल्प

विज्ञापन
विज्ञापन
आजमगढ़। प्रभु यीशू के जन्मदिन का पर्व क्रिसमस पूरे जिले में धूमधाम के साथ मनाया गया। इस दौरान चर्च में जहां विशेष प्रार्थना सभाएं हुई, वहीं मसीही समाज के लोगों ने पीड़ित मानवता की सेवा का संकल्प लिया। शहर के होली ट्रिनिटी चर्च पर प्रार्थना सभा के साथ ही विविध कार्यक्रम आयोजित हुए। सुबह से ही लोग क्रिसमस सेलिब्रेशन में जुटे रहे। शाम होते ही पूरा चर्च परिसर झालरों की झिलमिल रोशनी से जगमगा उठा था।
विज्ञापन

प्रभु यीशू के जन्मदिवस पर मसीही समाज के लोगों ने रविवार की रात 12 बजे के बाद ही अपने-अपने घरों में मनाना शुरू कर दिया था। सोमवार को चर्च पर विशेष प्रार्थना सभाओं का आयोजन किया गया। इस दौरान पीड़ित मानवता की सेवा का मसीही समाज के लोगों ने संकल्प लिया। शहर के दीवानी कचहरी चौराहा स्थित होली ट्रिनिटी चर्च पर सुबह से ही क्रिसमस सेलिब्रेशन को लेकर मसीही समाज के लोगों का जमावड़ा था। सुबह दस बजे विशेष प्रार्थना सभा आयोजित हुई। इसके पश्चात फादर प्रवीण सोंस ने कहा कि प्रभु यीशू ने मानवता की सेवा व पीड़ित लोगों के उद्धार का रास्ता खोला था। विशेष प्रार्थना सभा के पश्चात गीत-संगीत के कार्यक्रम शुरू हुए। जिसमें विभिन्न स्कूलों व मसीही समाज के बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। शाम होते ही आकर्षक विद्युत झालरों से सजा चर्च परिसर जगमगा उठा। देर रात तक चर्च परिसर में क्रिसमस सेलिब्रेशन का दौर चलता रहा।

केक काट कर मनायी खुशियां
आजमगढ़। होली ट्रिनिटी चर्च में सुबह विशेष प्रार्थना सभा के बाद केक काट कर प्रभु यीशू का जन्मदिन धूमधाम के साथ मनाया गया। मौजूद लोगों ने एक दूसरे को केक खिलाया और प्रभु के जन्मदिन की बधाईयां दी। इसके साथ ही मानवता की सेवा का लोगों ने संकल्प लिया।
विज्ञापन


दिनभर चला कैंडल जलाने का क्रम
आजमगढ़। क्रिसमस सेलिब्रेशन के तहत होली ट्रिनिटी चर्च पर सोमवार को दिन भर कैंडल जलाने का क्रम चलता रहा। मसीही समाज के लोग चर्च पर पहुंचते रहे और कैंडल जला कर प्रभु यीशू से खुद के साथ ही समाज के उत्थान की प्रार्थना की।

युवाओं व बच्चों ने जम कर मनाया जश्र
आजमगढ़। क्रिसमस डे का असली लुफ्त तो बच्चों व युवाओं ने उठाया। एक दूसरे को फूल देकर जहां क्रिसमस की बधाई दी जा रही थी तो वहीं खाने-खिलाने का भी दौर चल रहा था। चर्च के बाहर फूलों के साथ ही खाने-पीने के स्टाल लगे हुए थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें