मौसम की मार के साथ ही दलहन ने भी अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। विगत दो महीनों में दाल के दामों में 25 से 30 रुपये की बढ़ोत्तरी देखने का मिल रही है। मध्यप्रदेश में दलहनी फसलों में पैदावार की कमी के चलते ऐसी स्थिति आई है।
मौसम की मार का असर अब भोजन की थाली पर भी दिखने लगा है। खाने में प्रयोग होने वाले सामानों के दाम आसमान छू रहे हैं। दाल तो गरीबों की थाली से गायब ही हो चुकी है। चने और मसूर की दाल के दाम में काफी बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। अरहर की पैदावार अच्छी होने के बाद भी इसके दाम में बढ़ोतरी समझ से परे हैं।
चने की दाल में बढ़ोतरी तो समझ में आती है क्योंकि इस बार मौसम की मार का सबसे ज्यादा चने की फसल पर पड़ा और काफी कम पैदावार हुई। थोक व्यवसाई ओमप्रकाश ने बताया कि जनपद में मध्यप्रदेश से दलहन की सप्लाई होती है। मौसम की मार से इस बार मध्यप्रदेश में दलहनी फसलों की कम पैदावार हुई है।
गल्ला कारोबारी सुमित प्रसाद अग्रवाल ने बताया कि जैसे ही दलहनी फसलों में फूल लगा वैसे ही बारिश हो गई। इसके कारण फसल को नुकसान पहुंचा। वैसे देश भर में नागपुर, कटनी से दाल की सप्लाई होती है। लेकिन वह क्षेत्र भी मौसम की मार से अछूता नहीं रहा। सिर्फ दलहनी ही नहीं बल्कि सभी फसलों का यही हाल है।
दाल पहले अब
अरहर 60-70 98-100
उड़द 80-90 108-110
मटर 24-26 36-37
(दाम रुपये प्रति किलो में)