शासन द्वारा कौशल प्रशिक्षित युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान योजना लागू की गयी है। इस योजना के व्यापक प्रचार प्रसार के लिए शुक्रवार को हरिऔध कला केंद्र के आडिटोरियम में एक दिवसीय मंडलीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर मंडल मुख्यालय के जनपद के अतिरिक्त बलिया एवं मऊ के उपायुक्त उद्योग, सहायक प्रबंक, पटल सहायक के साथ साथ 100 से अधिक संख्या में विभिन्न ट्रेडों में प्रशिक्षित अभ्यर्थियों द्वारा प्रतिभाग किया गया। जनपद के राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान, राजकीय पॉलिटेक्निक एवं कौशल विकास योजना के अंतर्गत प्रशिक्षित 400 से अधिक संख्या में अभ्यर्थियों द्वारा प्रतिभाग किया गया। पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय मनमोहन सिंह जी को श्रद्धांजलि के बाद कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया गया।
इस अवसर पर उप्र सीएम युवा, मिशन कार्यालय लखनऊ द्वारा नामित विशेषज्ञ अजय सिंह द्वारा योजना का परिचयात्मक विवरण प्रस्तुत किया गया। उनके द्वारा बताया गया कि योजनांतर्गत सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों को गति प्रदान करते हुए इन उद्योगों को प्रोत्साहित करने एवं इस क्षेत्र में अधिक से अधिक रोजगार सृजित किए जाने का निर्णय लिया गया। इसके तहत प्रदेश में पूंजी निवेश को आकर्षित करने के लिए प्रतिवर्ष 1 लाख नई सूक्ष्म इकाइयां स्थापित किए जाने के लक्ष्य के साथ मिशन मोड में आगामी 10 वर्षों की समयावधि में कुल 10 लाख नई सूक्ष्म इकाइयां स्थापित की जाएंगी।
इसके लिए महत्वाकांक्षी नई योजना ’मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान’ का शुभारंभ किया गया है। इस योजना का लाभ 21 वर्ष से 40 वर्ष के युवा उठा सकते हैं। इस मौके पर एसएस रावत उपायुक्त उद्योग, मयाराम सरोज उपायुक्त उद्योग बलिया, जितेन्द्र सिंह यादव, पारसनाथ आदि उपस्थित थे।