बरदह में स्थित पोखरा गंदगी से पटा। श्रोत-लाइब्रेरी
आजमगढ़। जिले की ग्राम पंचायतों में तालाबों को सिर्फ जलस्रोत ही नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और जल संवर्धन के मॉडल के रूप में विकसित करने की तैयारी शुरू हो गई है।
मेरा तालाब-मेरी जिम्मेदारी अभियान के तहत जिले में 100 बड़े तालाबों को मॉडल तालाब के रूप में विकसित किया जाएगा। इस महत्वाकांक्षी योजना पर 10 करोड़ रुपये से अधिक खर्च होने का अनुमान है। तालाबों को प्लास्टिक मुक्त बनाने के लिए इनके चारों ओर नो प्लास्टिक जोन घोषित किया जाएगा। कचरा और प्लास्टिक को तालाब में जाने से रोकने के लिए विशेष फिल्टर चैंबर बनाए जाएंगे। योजना के तहत पहले चरण में जिले के सभी 22 विकासखंडों से एक-एक तालाब का चयन किया गया है। दूसरे चरण में प्रत्येक ब्लॉक से चार अतिरिक्त तालाबों को शामिल करके 100 तालाबों को मॉडल स्वरूप दिया जाएगा। राज्य वित्त आयोग की धनराशि से इन तालाबों की खोदाई और सौंदर्यीकरण कराया जाएगा।
यदि कोई व्यक्ति तालाब या उसके आसपास प्लास्टिक अथवा अन्य अपशिष्ट फेंकता पाया गया तो उसके खिलाफ ग्राम पंचायत स्तर पर कार्रवाई भी की जा सकेगी।