बाजार में दस रुपये के नकली सिक्के आने की अफवाह से इसे कोई नहीं ले रहा है। खासतौर से फुटकर दूकान, आटोरिक्शा चालक, ठेला वाले आदि लेने से साफ इंकार कर दे रहे है। इससे ग्राहक और बड़े दूकानदारों में भ्रम की स्थिति बनी हुई है। वहीं बैंक वालों ने इस अफवाहों को सिरे से खारिज कर दिया। इसके चलते जिनके पास दस के सिक्के हैं, वे बेहद परेशान हैं।
कुछ दिनों पहले बाजार में दस रुपये के नकली सिक्के आने की अफवाह के चलते छोटे-छोटे दूकानदारों, रोडवेज के कंडेक्टर और व्यापारियों ने दस रुपये के सिक्के लेना बंद कर दिया है। जो लोग वास्तविकता से परिचित हैं, वही सिक्के ले रहे हैं। व्यापारियों को इस बात की चिंता है कि उनके यहां मौजूद दस रुपये के सिक्कों का अब क्या होगा जबकि उपभोक्ताओं को दस रुपये के सिक्के न चलने से परेशानी हो रही है। खासतौर से फुटकर और छोटे दूकानदार, ऑटोरिक्शा चालक आदि तो बिल्कुल नहीं ले रहे।
वहीं बड़े दूकानदार इन सिक्कों को तो ले रहे हैं, लेकिन उनके बीच भी भ्रम बना हुआ है। लालगंज के बाबा विश्वनाथ जनरल स्टोर के प्रोपराइटर सुभाष साहू और अशोक साहू का कहना है कि वह तो सिक्का ले रहे हैं। उनके पास काफी सिक्के भी इकट्ठा हैं लेकिन भ्रम के चलते ग्राहक नहीं ले रहे। ऐसे में उन्हें परेशानी हो रही। जिलाधिकारी सुहास एलवाई ने कहा कि जल्द ही व्यापार मंडल और बैंक अधिकारियों की बैठक बुलाई जाएगी और इस समस्या को दूर किया जाएगा।
आरबीआई की ओर से दस रुपये के सिक्कों पर प्रतिबंध नहीं लगाया गया है। दस के सिक्कों की डुप्टीकेसी संभव नहीं है। बाजार में नकली सिक्के आने की बात अफवाह है। भारतीय मुद्रा को न लेने पर केस दर्ज करने का प्रावधान है। अगर कोई दस के सिक्के लाता है तो बैंक उसे उनके बदले नोट देने को तैयार है। - डा. जयराम वर्मा, मुख्य प्रबंधक एसबीआई सिविल लाइंस