आजमगढ़। शासन के निर्देश के पर जनपद में 1.05 लाख अंत्योदय कार्डों की जांच होनी है। पूर्ति विभाग और कोटेदारों की साठगांठ से राशन कार्ड जारी होने के आरोप लगने के बाद शासन की ओर से जांच के निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए जिलाधिकारी बीडीओ और ईओ को निर्देश भी जारी कर दिए हैं, लेकिन कोरोना संक्रमण के दबाव के चलते अभी तक जांच शुरू नहीं हो पाई है।
फर्जी राशनकार्डों के कारण वास्तविक पात्र सरकार की राशन वितरण योजना से वंचित रह जा रहे हैं। इसे देखते हुए शासन की ओर से प्रदेश के सभी जनपदों को अंत्योदय राशन कार्डों की जांच के निर्देश दिए गए थे। जनपद में कुल 105783 अंत्योदय राशन कार्ड हैं। इसमें कुल यूनिटों की संख्या 396466 है। शासन के निर्देश मिलने के बाद जिलाधिकारी राजेश कुमार की ओर से सभी बीडीओ और नगर निकायों को अधिशासी अधिकारी को पत्र भी जारी किया गया था। एक से चार यूनिट वाले कार्ड पर विशेष तौर पर जांच करनी थी। औसतन एक कार्ड में तीन से चार लोग शामिल हैं।
शासन की ओर से अंत्योदय राशन कार्ड की जांच के निर्देश मिले हैं। इसके लिए डीएम ने बीडीओ और ईओ को पत्र भी जारी किया है। कोविड-19 संबंधी कार्यों में व्यस्तता के कारण अभी तक जांच शुरू नहीं हो पाई है। जल्द ही इसे शुरू कराया जाएगा।
- देवमणि मिश्रा, जिला पूर्ति अधिकारी
नहीं हुआ पूरा उठान, राशन वितरण में हो सकती है देर
आजमगढ़। जनपद में मंगलवार से प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत राशन का वितरण शुरू होना था, लेकिन सभी सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानों पर वितरण शुरू नहीं हो सका है। डीएसओ देवमणि मिश्रा ने बताया कि स्टाक की कमी से अभी पूरा उठान नहीं हो पाया है। इसके कारण सभी दुकानों पर वितरण शुरू नहीं हो पाया है।