अयोध्या। राम जन्मभूमि परिसर में रामलला की तर्ज पर ही राम दरबार समेत अन्य उप मंदिरों में पूजा-उपासना की जा रही है। हालांकि उप मंदिर अभी श्रद्धालुओं के लिए नहीं खोले गए हैं, लेकिन उपासना, राग-भोग का क्रम नित्य चल रहा है। बुधवार को राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने परिसर मेंं सुरक्षा अधिकारियों के साथ भ्रमण कर श्रद्धालुओं के लिए व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया।
रामलला के दरबार में जिस समय पर पूजा, आरती होती है, ठीक उसी समय राम दरबार में भी पूजा-आरती, राग-भोग सेवा की जाती है। इसके लिए ट्रस्ट की ओर से दो पालियों में कुल 20 पुजारियों को लगाया गया है। सुबह की पाली में 10 और शाम की पाली में 10 पुजारी लगाए गए हैं। रामलला व राम दरबार में जब शृंगार व मंगला आरती का क्रम पूरा हो जाता है। इसके बाद दोनों मंदिरों में दो-दो पुजारी रहते हैं। शेष पुजारियों को परकोटा के छह व सप्त मंडपम के सात मंदिरों में पूजा-अर्चना के लिए भेजा जाता है।
रामलला की पहली आरती सुबह 4:30 बजे और दूसरे 6:15 बजे होती है। ठीक इसी समय राम दरबार में भी आरती-पूजा की जाती है। इसी तरह दोपहर में होने वाली भोग आरती, संध्या आरती और शयन आरती का समय भी तय है। राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने बताया कि अभी केवल रामलला की आरती का लाइव प्रसारण किया जाता है, जल्द ही राम दरबार की आरती के भी साक्षी भक्त घर बैठे बन सकेंगे। बताया कि उप मंदिरों को खोलने का निर्णय बरसात के बाद लिया जाएगा।
राम जन्मभूमि परिसर के दक्षिण दिशा में स्थित कुबेर टीला पर भी नित्य पूजा-अर्चना की जाती है। इसके लिए भी पुजारियों को लगाया गया है। पुजारी तय समय पर पहुंचकर भगवान भोले बाबा का नित्य जलाभिषेक, पूजन करते हैं। ट्रस्ट की ओर से बताया गया कि हर सोमवार को भगवान भोलेनाथ का विभिन्न प्रकार के द्रव्यों से विशेष अभिषेक-पूजन किया जाता है। कुबेर टीला भी अभी श्रद्धालुओं के लिए नहीं खोला गया है। यहां भी दर्शन के लिए पास की व्यवस्था की जाएगी।
राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने एसपी सुरक्षा बलरामाचारी दुबे के साथ परिसर की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने श्रद्धालुओं से मिलने वाली सुविधाओं को लेकर उनका फीडबैक लिया। इसमें छांव के इंतजाम व पेयजल की व्यवस्था और बढ़ाने का सुझाव आया। इसके बाद चंपत राय ने बैठक कर व्यवस्थाओं की समीक्षा की। एसपी सुरक्षा ने बताया कि व्यवस्था में सुधार, पेयजल, छाया आदि के इंतजामों को लेकर चर्चा हुई। फेस रीडिंग की प्रक्रिया को भी जांचा गया, जो संतोषजनक मिला। कैनोपी के निर्माण का काम तेज करने पर चर्चा हुई है।