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Ayodhya News: गैस किल्लत से अयोध्या में लकड़ी और कोयले में लगी आग

Fri, 13 Mar 2026 10:57 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
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27-सिविल लाइन ​​स्थित होटल में भट्ठी पर खाना बनाते रसोईंयां।-संवाद
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अयोध्या। गैस की किल्लत का असर आम लोगों की रसोई से लेकर होटल, ढाबा और कैटरिंग कारोबार तक दिखने लगा है। गैस सिलिंडर समय पर न मिलने के कारण लोग अब लकड़ी और कोयले का सहारा लेने लगे हैं। अचानक बढ़ी मांग के कारण बाजार में इनके दाम करीब 35 फीसदी बढ़ गए हैं।
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स्थानीय बाजारों में पहले 600 से 700 रुपये प्रति क्विंटल मिलने वाली सूखी लकड़ी अब 900 से 1000 रुपये तक पहुंच गई है। वहीं, 25 रुपये किलो मिलने वाला कोयला 35 रुपये किलो तक बिक रहा है। व्यापारियों का कहना है कि गैस की कमी के कारण पिछले कुछ दिनों में लकड़ी और कोयले की मांग तेजी से बढ़ी है। फुटकर में 12 से 15 रुपये किलो लकड़ी बिक रही है।



शहर में इन दिनों शादियों और अन्य सामाजिक आयोजनों का भी दौर चल रहा है। ऐसे आयोजनों में बड़ी मात्रा में खाना बनाने के लिए गैस सिलिंडर की जरूरत पड़ती है, लेकिन पर्याप्त सिलिंडर उपलब्ध न होने के कारण कई कैटरर्स को लकड़ी और कोयले से चूल्हे जलाकर खाना बनाना पड़ रहा है। इससे खर्च और श्रम दोनों बढ़ गए हैं।
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सहालग के सीजन में मांग अचानक बढ़ने से भी स्थिति और गंभीर हो गई है। कुछ लोग जरूरत से ज्यादा सिलिंडर बुक करा रहे हैं, जिससे भी आपूर्ति पर दबाव बढ़ रहा है। इधर, गैस की अनिश्चित आपूर्ति के कारण बाजार में इंडक्शन चूल्हों और इलेक्ट्रिक कुकिंग उपकरणों की बिक्री भी बढ़ने लगी है। इलेक्ट्रॉनिक दुकानदारों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों में इंडक्शन और इलेक्ट्रिक कुकर की मांग में अच्छी बढ़ोतरी हुई है।





शादी के लिए 3.50 क्विंटल लकड़ी खरीदी



पूरा ब्लॉक के आकाश सिंह ने बताया कि उनके घर में शादी का कार्यक्रम है। गैस सिलिंडर पर्याप्त मात्रा में नहीं मिलने से परेशानी बढ़ गई है। मजबूरी में उन्हें खाना बनाने के लिए लकड़ी खरीदनी पड़ रही है। उन्होंने करीब 3.50 क्विंटल लकड़ी खरीदी है जो थोक में करीब 7.50 रुपये प्रति किलो की दर से मिली है।





रोजे के कारण कम पहुंचे कारीगर

गैस की किल्लत के कारण शहर में लकड़ी की मांग तेजी से बढ़ गई है। शहर की ज्यादातर आरा मशीनों पर मुस्लिम कारीगर लकड़ी चीरने का काम करते हैं, लेकिन इन दिनों रोजा होने के कारण कई कारीगर काम पर नहीं पहुंच रहे हैं। इससे पहले से चीरी हुई लकड़ियों का भंडार भी तेजी से खत्म होने लगा है। वजीरगंज के लकड़ी विक्रेता आबादी हुसैन ने बताया कि गैस की कमी के कारण लकड़ी की मांग अचानक बढ़ गई है। शादी-विवाह के कार्यक्रमों के चलते जो भी लकड़ी उपलब्ध थी, वह तेजी से बिक रही है। उन्होंने कहा कि रोजे के कारण कई कारीगर काम पर नहीं आ पा रहे हैं, जिससे नई लकड़ी की सप्लाई प्रभावित हो रही है।






इंडक्शन चूल्हा विक्रेताओं की बल्ले बल्ले



रसोई गैस सिलिंडर की किल्लत गहराती जा रही। सहालग और रमजान में यह समस्या बढ़ने से लोग हलकान हैं। वहीं, इंडक्शन चूल्हा की बिक्री से दुकानदारों की बल्ले बल्ले है। कमर्शियल सिलिंडरों की आपूर्ति ठप होने से घरेलू गैस सिलिंडर का दुकानों में खुलेआम इस्तेमाल किया जा रहा है। जबकि घरेलू गैस उपभोक्ता अब विकल्प तलाश रहे हैं। इंडक्शन चूल्हों के विक्रेता अवध बिहारी सोनी ने बताया कि जहां पहले इंडक्शन चूल्हों की बिक्री प्रतिदिन दो-चार होती थी वहीं, अब बढ़कर 50 से अधिक हो गई है। स्थानीय लोगों कालाबाजारी का भी आरोप लगा रहे हैं। शिकायतों के बाद सदर क्षेत्राधिकारी अरविंद सोनकर ने गायत्री गैस एजेंसी का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में पर्याप्त गैस उपलब्ध है और आपूर्ति व्यवस्था सुधारी जा रही है।

27-सिविल लाइन स्थित होटल में भट्ठी पर खाना बनाते रसोईंयां।-संवाद

27-सिविल लाइन स्थित होटल में भट्ठी पर खाना बनाते रसोईंयां।-संवाद

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