अयोध्या। शहर के फतेहगंज, खीरगली में चल रहे जिस्मफरोशी के दलदल में कुछ महिलाओं को उनकी पहले की नादानियां खींचकर लाई थीं। इनमें कुछ ऐसी महिलाएं भी शामिल थीं, जो प्रेम विवाह में असफल होने के बाद जीविकोपार्जन के लिए इस काले धंधे में लिप्त हो गईं। पुलिस की जांच में ऐसे ही कई खुलासे हुए हैं।
शुक्रवार की देर रात राणी सती गेस्ट हाउस में पुलिस ने जिस्म का काला कारोबार पकड़ा है। मौके से 11 महिलाएं पकड़ी गई हैं, जिनमें आठ विवाहित हैं। इनमें भी तीन-चार ऐसी महिलाएं हैं, जिन्होंने पहले तो परिवार के खिलाफ जाकर प्रेम विवाह कर लिया और घर से निकल गईं। पहली शादी सफल नहीं तो उन्होंने दूसरी और तीसरी शादी भी की।
हर तरफ से ठोकर खाने के बाद उनके साथ न तो परिवार बचा न ही दूसरा सहारा। मजबूरी में इन लोगों ने जीविकोपार्जन के लिए जिस्म परोसना शुरू किया। इनकी गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने सभी के परिजनों को सूचित किया तो उनकी तरफ से कोई सार्थक जवाब नहीं मिला।
इनसेट
आधी रात गेस्ट हाउस लाई जाती थीं महिलाएं
गेस्ट हाउस में महिलाएं दिन के उजाले में नहीं, बल्कि आधी रात को लाई जाती थीं। इसके बाद अगली सुबह यहां से बाहर भेजी जाती थीं। गेस्ट हाउस में आने के बाद चौथे तल पर ग्राहकों से उनकी मुलाकात कराई जाती थी। इनमें गोरखपुर की 27 वर्षीय एक महिला पिछले नौ माह से घर नहीं गई थी। इसलिए उसके पास सर्वाधिक 1.36 लाख रुपये बरामद हुए हैं।
छापा मारने के दौरान फरार हुए पांचों आरोपी पहले इनके ग्राहक बनकर आए थे। बाद में उनसे नजदीकी बढ़ी तो वह बाहर से ग्राहक भी ढूंढ़कर लाने लगे। हालांकि, यह सभी मध्यमवर्गीय थे, जिनसे महिलाओं को अधिक मुनाफा नहीं होता था। टिप्स के रूप में ही उन्हें अलग से रुपये मिलते थे।
सेक्स रैकेट चलाने वाला गणेश बहुत ही शातिराना तरीके से यह कारोबार करता था। वह पहले तल पर लोगों को ठहराता था और दूसरे और तीसरे तल पर हमेशा अंधेरा रखता था। इसके पीछे गेस्ट हाउस न चलने का हवाला देता था। इसकी जांच के लिए कोई पहुंचता था तो वह अंधेरे की वजह से चौथे तल तक जाने की जहमत नहीं उठाता था।