अयोध्या। राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में जेल में निरुद्ध आरोपी सुभाष श्रीवास्तव के पेंशन बैंक खाता में निकासी पर पुलिस की ओर से लगाई गई रोक अदालत ने हटा दी है। निकासी पर पाबंदी हटने के बाद पेंशन खाता से आरोपी धनराशि की निकासी कर सकेगा।
यह आदेश विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम कोर्ट के न्यायाधीश रजत वर्मा ने सोमवार को अभियोजन व आरोपी पक्ष के तर्कों को सुनने के बाद पारित किया है। न्यायाधीश ने आरोपी पेंशन खाता को जून से अनफ्रीज करते हुए पेंशन धनराशि निकालने की अनुमति प्रदान की है। आदेश की एक प्रति संबंधित बैंक को भी भेजने का निर्देश दिया गया है।
आरोपी सुभाष के प्रार्थना पत्र पर सोमवार को हुई सुनवाई के दौरान विवेचक आशुतोष तिवारी ने बताया कि साक्ष्य संकलन के लिए पेंशन खाता को फ्रीज कराया गया था। पेंशन खाता में पेंशन के अतिरिक्त अन्य जमा धनराशि के बाबत सत्यापन कराया गया है। सुभाष के पेंशन बैंक खाता में आने वाली पेंशन धनराशि को अनफ्रीज किए जाने से कोई आपत्ति नहीं है। वहीं विशेष अभियोजन अधिकारी ने जून से पहले पेंशन खाता में नकद जमा की गई धनराशि को लेकर बैंक से पत्राचार करने की जानकारी दी।
सुनवाई के दौरान आरोपी के बैंक खाता को फ्रीज करने की पुलिस कार्रवाई पर भी न्यायालय ने असंतोष जताया है। अदालत ने विधि अनुसार कार्रवाई के लिए अपने आदेश में व्याख्या भी की है कि किसी चोरी के सामान को जब्त करने की सूचना कोर्ट को देना चाहिए, जो पुलिस ने नहीं किया है। आरोपी की ओर से पैरवी कर रहे लीगल एड डिफेंस कौंसिल डिप्टी चीफ कुलशेखर सिंह ने कहा कि 23 जुलाई को हुई सुनवाई में कोर्ट ने विवेचक को आरोपी सुभाष के पेंशन खाता को किस प्रावधान के तहत फ्रीज किया। इसकी सूचना किस अदालत को दी गई। इसके बाबत विवेचक कोई तथ्य नहीं रख सके। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों को आपत्ति का अवसर देते हुए पत्रावली के निस्तारण के लिए 30 जुलाई की तारीख नियत की है।