अयोध्या। रामनगरी में श्रद्धालुओं का रेला जारी है लेकिन हालात पहले जैसे नहीं है। अब यातायात व्यवस्था सामान्य हो रही है। दो से तीन लाख श्रद्धालु रामलला व हनुमंतलला के दरबार में रोजाना दर्शन-पूजन करने के लिए पहुंच रहे हैं। भीड़ का दबाव कम होने के कारण प्रशासन ने डायवर्जन का दायरा घटाया है, जिससे श्रद्धालुओं समेत स्थानीय लोगों की राह आसान हुई है।
सोमवार को भीड़ की स्थिति नियंत्रित रही तो व्यवस्थाओं में कुछ बदलाव किए गए। टेढ़ी बाजार चौराहे से दो पहिया वाहनों को श्रीराम अस्पताल की ओर जाने दिया गया। श्रद्धालुओं को पहले की ही तरह रामजन्मभूमि थाने के सामने से मंदिर की ओर भेजा गया। सोमवार को श्रद्धालुओं को कटरा तिराहे से राजघाट की ओर न मोड़कर अशर्फी भवन की तरह भेजा गया। इससे श्रद्धालुओं को कम से कम तीन किलोमीटर कम पैदल चलना पड़ा। श्रद्धालु कटरा तिराहे से अशर्फी भवन, सब्जी मंडी मार्ग होते हुए सीधे रामपथ पर पहुंच गए। मातगैड़ तिराहे पर बैरियर लगा रहा लेकिन कोई रोक-टोक नहीं रही। सब्जी मंडी में सब्जियों की आपूर्ति भी इसी रास्ते से हो रही है।
हालांकि रामपथ पर बैरिकेडिंग अभी भी बरकरार है, लेकिन कुछ गलियों से स्थानीय लोगों का आने-जाने दिया जा रहा है। फिलहाल सोमवार को रामलला व हनुमंतलला के दरबार में श्रद्धालुओं की भीड़ रही। हनुमंतलला के दरबार में डेढ़ किमी लंबी लाइन लगी रही। धूप का प्रकोप बढ़ने लगा है, इसलिए कई श्रद्धालु सोमवार को गश खाकर गिर पड़े। उनका प्राथमिक उपचार कराया गया। प्रशासन का कहना है कि श्रद्धालुओं की भीड़ अभी 26 फरवरी यानी महाशिवरात्रि तक जारी रहने की संभावना है इसलिए भीड़ की स्थिति के अनुसार प्रतिबंधों में कुछ राहत जरूर दी जाएगी।
राम जन्मभूमि थाने के पीछे से राम जन्मभूमि की ओर जाते समय उनवल बैरियर से राम मंदिर की ओर श्रद्धालुओं को प्रवेश नहीं दिया जा रहा है। इस बैरियर से केवल वही श्रद्धालु जा पा रहे हैं जिनके पास वीआईपी दर्शन का पास होता है। वीआईपी दर्शन का पास दिखाने पर श्रद्धालुओं को पैदल ही रंगमहल बैरियर की ओर भेजा जाता है। रामकोट बैरियर पर फिर पास चेक किया जाता है, इसके बाद गेट नबंर दो की तरफ पास धारकों को भेजा जा रहा है।