अयोध्या। रायबरेली बाईपास पर करीब 4.48 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित कल्याण मंडपम उद्घाटन के लगभग एक साल बाद भी शुरू नहीं हो सका है। महापौर गिरीशपति त्रिपाठी ने फरवरी 2025 में इसका उद्घाटन किया था, लेकिन संचालन एजेंसी का चयन न होने के कारण यह बहुउद्देश्यीय भवन अभी तक बंद पड़ा है। इससे नगरवासियों को कम खर्च में वैवाहिक और सामाजिक आयोजनों के लिए अपेक्षित सुविधा नहीं मिल पा रही है।
इस मंडपम का निर्माण मुख्यमंत्री नगर सृजन योजना के तहत किया गया है। दिसंबर 2024 में इसका निर्माण कार्य पूरा हो गया था। जनवरी 2025 में प्रमुख सचिव नगर विकास और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने इसका निरीक्षण किया था। उन्होंने महाकुंभ 2025 से पहले इसका संचालन शुरू करने के निर्देश भी दिए थे, लेकिन यह लक्ष्य पूरा नहीं हो सका।
करीब 500 लोगों की क्षमता वाले इस भवन में मल्टीपर्पज हॉल, किचन, कार्यालय, स्टोर और कॉन्फ्रेंस हॉल जैसी सुविधाएं विकसित की गई हैं। इसमें पुरुष, महिला व दिव्यांग शौचालय के साथ आवासीय कक्ष भी शामिल हैं। उद्घाटन के समय संचालन और प्रबंधन के लिए एजेंसी चयन की प्रक्रिया समय पर पूरी नहीं हो सकी थी। नगर निगम ने 23 फरवरी को दोबारा टेंडर जारी किया था, जिसकी अंतिम तिथि 16 मार्च और बोली खोलने की तिथि 17 मार्च निर्धारित थी, लेकिन यह प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी।
इसके बाद 30 मार्च को फिर से टेंडर जारी किया गया है, जो 20 अप्रैल तक खुला रहेगा। टेंडर लेने के आवेदन करने वालों की सूची 21 अप्रैल को खुलेगी। सूत्रों के अनुसार, निगम की ओर से एजेंसी से 21 लाख रुपये की मांग की जा रही है। कई लोगों ने बताया कि कल्याण मंडपम शहर के बाहरी क्षेत्र में बना है, जिससे वहां से इतने रुपये निकालना मुश्किल होगा। इस वजह से एजेंसियां इसमें रुचि नहीं दिखा रही हैं, जिससे संचालन प्रक्रिया बार-बार अटक रही है।
नगर आयुक्त जैनेंद्र कुमार ने बताया कि पहले भी दो-तीन बार टेंडर निकाले गए थे, लेकिन केवल एक या दो ही बोलियां मिलने के कारण उन्हें खोला नहीं जा सका। उन्होंने आश्वस्त किया कि इस बार दो बोलियां मिलने पर भी प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। लक्ष्य है कि जल्द से जल्द मंडप का संचालन शुरू हो जाए। इससे शहर के लोगों को इस महत्वपूर्ण सुविधा का लाभ मिल पाएगा।