अयोध्या। रामनगरी में 14 कोसी परिक्रमा मार्ग चौड़ीकरण परियोजना की गति सुस्त बनी हुई है। करीब दो वर्ष पहले शुरू हुआ यह महत्वपूर्ण निर्माण कार्य अभी तक पूरा नहीं हो सका है। कई स्थानों पर जमीन अधिग्रहण, मुआवजा और विस्थापन की प्रक्रिया लंबित है।
लगभग 42 किलोमीटर लंबे इस मार्ग को आधुनिक फोरलेन सड़क के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य लाखों श्रद्धालुओं को बेहतर सड़क, फुटपाथ, प्रकाश व्यवस्था और सुरक्षित आवागमन देना है। परियोजना में शौचालय, विश्राम स्थल जैसी सुविधाएं भी शामिल हैं। तय समय सीमा के बावजूद काम पूरा न होने से स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं में निराशा है। परियोजना पूरी होने पर श्रद्धालुओं, नागरिकों और राहगीरों को बेहतर यात्रा का अनुभव मिलेगा।
श्रद्धालुओं की सुविधा को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है। प्रमुख पड़ावों पर शौचालय, टिन शेड, बैठने की व्यवस्था और पेयजल उपलब्ध कराए जा रहे हैं। लाइटिंग और अन्य सार्वजनिक सुविधाएं भी विकसित की जा रही हैं।
परियोजना के मुख्य उद्देश्य
इस परियोजना का मुख्य लक्ष्य परिक्रमा करने वाले श्रद्धालुओं को सुगम और सुरक्षित मार्ग प्रदान करना है। इसमें चौड़े फुटपाथ, डिवाइडर और स्मार्ट ड्रेनेज सिस्टम लगाए जा रहे हैं। सुरक्षित सिग्नलिंग सिस्टम भी स्थापित किया जा रहा है। इससे पैदल परिक्रमा करने वाले श्रद्धालुओं को कोई परेशानी नहीं होगी।
अन्य सुविधाएं और विकास कार्य
परियोजना में हरित पट्टी का विकास भी शामिल है। पार्किंग स्पेस और रिफ्रेशमेंट स्टॉल भी बनाए जा रहे हैं। बिजली व्यवस्था और सफाई व्यवस्था को भी इसमें शामिल किया गया है। यह मार्ग श्रद्धालुओं के लिए एक आधुनिक और सुविधा संपन्न गलियारा बनेगा।
ककरही बाजार में जमीन अधिग्रहण की कार्रवाई अधूरी
- परिक्रमा मार्ग के ककरही बाजार में कुछ नजूल की जमीनें हैं, जिसके चलते जमीन अधिग्रहण में बाधा आ रही है। यहां लोगों के पास बहुत पुराने कागजात हैं, कुछेक का नजूल की जमीनों पर कब्जा है। इन सभी समस्याओं का निस्तारण कार्यदायी संस्था तहसील स्तर पर करा रही है। वहीं नाका स्थित परिक्रमा मार्ग पर भी स्थित घरों व दुकानों पर नेाटिस चस्पा किया जाने के बाद लोगों में आक्रोश है। लोगों का कहना है कि उचित मुआवजा व पुनर्वास की व्यवस्था होनी चाहिए।
एसआईआर में डयूटी से भी बाधित हुआ काम
- एसआईआर (विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण) अभियान में लोक निर्माण विभाग के दो खंडों के सहायक अभियंता व अवर अभियंता की ड्यूटी लगने से भी 14 कोसी परिक्रमा मार्ग के चौड़ीकरण का काम प्रभावित हुआ। बताया गया कि एसआईआर में सात जेई व तीन एई की ड्यूटी लगाई गई थी, जो मार्च के अंत तक लगी रही। यही नहीं पेट्रोल-डीजल के संकट की वजह से मालवाहक वाहन नहीं पहुंच पा रहे थे, जिससे भी कार्य की गति प्रभावित हुई।
वर्जन
चौदहकोसी परिक्रमा मार्ग के चौड़ीकरण का काम 80 फीसदी पूरा हो चुका है। जमीन अधिग्रहण में कुछ बाधाएं आ रही हैं, जिनका निस्तारण तहसील स्तर पर तेजी से कराया जा रहा है। पूरी उम्मीद है कि जून के अंत तक यानी बरसात से पहले चौदहकोसी परिक्रमा मार्ग के चौड़ीकरण का काम पूरा कर लिया जाएगा।- एसपी सिंह, अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग, खंड तीन