अयोध्या। बमुश्किल आधे घंटे की तेज बारिश ने मंगलवार शाम रामनगरी की रफ्तार थम दी। इससे जगह-जगह जलभराव हो गया। राममंदिर और हनुमानगढ़ी के सामने का दृश्य सबसे ज्यादा परेशान करने वाला रहा। श्रद्धालु जूते-चप्पल हाथ में लेकर गंदे पानी के बीच आते-जाते दिखे। रामपथ पर लबालब पानी भर जाने से राहगीरों को भारी कठिनाई का सामना करना पड़ा।
नगर निगम के नाला सफाई व्यवस्था की पोल थोड़ी देर की बारिश में ही खुल गई। शहर की शायद ही कोई गली बची हो जहां जलभराव न हुआ हो। घरों-दुकानों और सरकारी कार्यालयों में पानी घुस गया। अमानीगंज में जलकल विभाग का परिसर डूब गया तो टेढ़ी बाजार, रिकाबगंज, देवकाली तिराहा और सिविल लाइंस में पानी भर जाने से लोगों को सांसत झेलनी पड़ी। जलभराव से गुजर रहे कई बाइक सवार साइलेंसर में पानी घुसने के बाद गाड़ी बंद होने से परेशान हुए और उन्हें बाइक धकेल कर ले जानी पड़ी।
नाका बाईपास स्थित अवधपुरी फेस-3 (आईटीआई के सामने) में घरों के सामने पानी भर गए। यहां पर रामपथ निर्माण के दौरान क्षतिग्रस्त हुआ नाला अब तक नहीं बन पाया है। दो सप्ताह पहले कॉलोनीवासियों ने नगर आयुक्त और महापौर को ज्ञापन देकर नाले के निर्माण की मांग की थी।
बारिश का असर सिर्फ रिहायशी इलाकों तक सीमित नहीं रहा। रामपथ, भक्तिपथ, टेढ़ी बाजार, महिला अस्पताल के पास रिकाबगंज, देवकाली तिराहा, जनौरा, जलवानपुर, वजीरगंज-जप्ती, पंडित दीनदयाल नगर वार्ड और ऋषि टोला कई कॉलोनियां और मुख्य सड़कें पानी में डूब गईं। अमानीगंज निवासी विजय यादव ने बताया कि थोड़ी-सी बारिश में भी पूरा इलाका पानी में डूब जाता है। कई बार शिकायत की, ज्ञापन भी दिया लेकिन हालात नहीं बदले। हर बारिश में लोगों को गंदे पानी से होकर निकलना पड़ता है। कृष्णानगर की सरिता गुप्ता ने बताया कि बारिश के बाद जलभराव होने से घरों से निकलना भी मुश्किल हो जाता है।
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अपर नगर आयुक्त भारत भार्गव ने बताया कि तेज बारिश के कारण कुछ स्थानों पर जलभराव हुआ था। नगर निगम की टीमें तत्काल मौके पर भेजी गईं और पंप लगाकर पानी निकलवाया गया। जिन स्थानों पर स्थायी समाधान की आवश्यकता है, वहां सर्वे कराकर आवश्यक कार्य कराए जाएंगे।