फोटो-06-विघ्नेश्वरनाथ महादेव धाम शिवाला मंदिर- संवाद
मिल्कीपुर। तहसील क्षेत्र के रमपुरवा में तमसा नदी के तट पर स्थित विघ्नेश्वरनाथ महादेव धाम (शिवाला मंदिर) लोगों की अटूट आस्था का केंद्र है। भगवान शिव का जलाभिषेक करने से भक्तों की मनोकामना पूर्ण होती है। ऐसी मान्यता है कि मंदिर परिसर के कुंड में 128 तीर्थों का जल समाहित है। इसमें स्नान मात्र से ही विकारों से मुक्ति मिलती है।
विघ्नेश्वरनाथ धाम शिवाला मंदिर का निर्माण 1734 में राजा दर्शन सिंह ने कराया था। नागर शैली में निर्मित अष्ट मंडपम व 64 योगिनियों वाला तंत्र आधारित शिव मंदिर के भीतर 300 फीट लंबी सुरंग व 10 फीट लंबा व 10 फीट चौड़ा ध्यान कक्ष भी स्थापित है। मंदिर का गर्भगृह करीब 25 फीट भीतर है, जहां सूर्योदय के समय पहली किरण भगवान शिव पर पड़ती है तथा सूर्य की अंतिम किरण भगवान शिव पर पड़ने के साथ ही सूर्यास्त होता है। खास यह कि शिवलिंग में स्वमेव त्रिपुंड का आकार व जटा विकसित हो रही है, जो किसी चमत्कार से कम नही है। मंदिर का जीर्णोद्धार वर्ष 2015 में प्रमुख पुजारी अमित योगी ने सर्व समाज के सहयोग से कराया और 2010 में चोरी हुआ कलश 2016 में पुनः स्थापित कराया। पुजारी ने बताया कि मंदिर के दक्षिण करीब दो किलोमीटर दूर राजा दर्शन सिंह ने शाहगंज स्टेट का निर्माण कराया और वहां पर अपने पुत्र मानसिंह की ताजपोशी की। स्टेट से मंदिर तक जाने के लिए दो किलोमीटर लंबी सुरंग का निर्माण भी कराया जो अब मात्र 300 फुट ही बची है।
सामाजिक समरसता का प्रतीक
भगवान श्रीराम ने जिस तरह किसी को अछूत नहीं माना। शबरी के जूठे बेर खाये। वैसे ही सामाजिक समरसता को ध्यान में रख कर अवधपुरी की मर्यादा का अनुसरण करते हुए यहां भी बिना भेदभाव, छुआछूत ,ऊंच नीच से परे होकर हिंदू समाज के सभी वर्गों से 365 पुजारी नियुक्त किए गए हैं ,जो प्रतिदिन अलग-अलग अपने परिवार सहित पूजा अर्चना करते हैं।