फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

यूपी: आखिर क्यों चर्चा से गायब हुए चंपत राय-अनिल मिश्र?, अब कैसे होगी फिर एंट्री, बैठक में नहीं लिया गया नाम

Sat, 05 Sep 2026 09:37 AM IST
Akash Dwivedi अमर उजाला नेटवर्क, अयोध्या

सार

राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक में तीन नए न्यासियों की नियुक्ति और पूर्णकालिक मुख्य कार्यकारी अधिकारी के नाम पर सहमति बनी। सेवानिवृत्त एयर मार्शल जितेंद्र मिश्र को सीईओ नियुक्त किया गया। पूर्व महासचिव चंपत राय और पूर्व ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र की वापसी पर बैठक में कोई चर्चा नहीं हुई।
विज्ञापन
आखिर क्यों चर्चा से गायब हुए चंपत राय-अनिल मिश्र? - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बुधवार को मणिरामदास छावनी में हुई करीब तीन घंटे की बैठक में ट्रस्ट की नई टीम की तस्वीर पूरी तरह साफ हो गई। तीन नए न्यासियों की नियुक्ति के साथ राम मंदिर के पूर्णकालिक सीईओ के नाम पर भी मुहर लग गई।

विज्ञापन


खास बात यह रही कि पूर्व महासचिव चंपत राय और पूर्व ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र की ट्रस्ट में वापसी को लेकर बैठक में कोई चर्चा नहीं हुई। बैठक दोपहर दो बजे शुरू होकर शाम पांच बजे तक चली। इसमें नए न्यासियों और सीईओ की नियुक्ति के अलावा मंदिर की व्यवस्थाओं से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर भी विचार-विमर्श हुआ।

 

40 मिनट में जितेंद्र मिश्र के नाम पर बनी सहमति

ट्रस्ट के नवनियुक्त महामंत्री गोविंद देव गिरि ने सीईओ के चयन के लिए गठित समिति की ओर से सेवानिवृत्त एयर मार्शल जितेंद्र मिश्र का नाम प्रस्तावित किया। ट्रस्टियों के समक्ष देश के लिए उनके योगदान और सेवाओं से जुड़ी जानकारी भी रखी गई।

बताया गया कि करीब 40 मिनट तक जितेंद्र मिश्र के नाम पर चर्चा हुई। इसके बाद ट्रस्ट के सभी सदस्यों ने उनके नाम का समर्थन कर दिया। इसके साथ ही राम मंदिर के लिए पहले पूर्णकालिक सीईओ की नियुक्ति का रास्ता साफ हो गया।बैठक में ट्रस्ट के रिक्त पदों पर तीन नए न्यासियों की नियुक्ति को लेकर भी चर्चा हुई और उनके नामों पर सहमति बनी।

 

विज्ञापन

संतों को ट्रस्ट में शामिल करने की अटकलें भी खत्म

बैठक से पहले रामनगरी के कुछ संतों को ट्रस्ट में शामिल किए जाने की अटकलें लगाई जा रही थीं। माना जा रहा था कि नए सदस्यों में संतों को भी प्रतिनिधित्व मिल सकता है। हालांकि, तीन नए न्यासियों के नाम सामने आने के बाद इन कयासों पर भी विराम लग गया।

बैठक में आमंत्रित सदस्य के रूप में शामिल ट्रस्ट अध्यक्ष के उत्तराधिकारी महंत कमलनयन दास ने भी स्पष्ट किया कि चंपत राय और डॉ. अनिल मिश्र की वापसी अथवा संतों को ट्रस्ट में शामिल किए जाने को लेकर कोई चर्चा नहीं हुई।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें