नाग पंचमी से शुरू होगी राम मंदिर की विशेष परंपरा
राम मंदिर में झूलनोत्सव की परंपरा अन्य मंदिरों से अलग है। जहां अधिकांश मंदिरों में सावन शुक्ल तृतीया से झूले पड़ जाते हैं, वहीं राम मंदिर में नाग पंचमी (24 अगस्त) से बालरूप रामलला सहित चारों भाइयों को गुढ़ी मंडप में झूले पर विराजमान कराया जाएगा।
रक्षाबंधन तक वे झूले पर विराजमान रहकर भक्तों को दर्शन देंगे। झूलनोत्सव के दौरान राम मंदिर परिसर में प्रतिदिन भक्ति संगीत की विशेष प्रस्तुतियां होंगी। देश के प्रख्यात कलाकार रामलला के समक्ष कजरी, झूला और बधाई गीत प्रस्तुत करेंगे। रामलला और रामदरबार के लिए अलग-अलग सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। ट्रस्ट कलाकारों की सूची तैयार करने और आयोजन की रूपरेखा को अंतिम रूप देने में जुटा है।