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राम मंदिर ट्रस्ट : कौन हैं डॉ. कृष्ण मोहन जो संभालेंगे महासचिव का पद, चढ़ावा चोरी की सबसे पहले दी थी तहरीर

Wed, 22 Jul 2026 05:52 PM IST
Akash Dwivedi डिजिटल डेस्क, अयोध्या

सार

राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक में डॉ. कृष्ण मोहन को फिलहाल महासचिव का कार्यभार सौंपने का निर्णय लिया गया। करीब ढाई घंटे चली बैठक में मंदिर निर्माण, प्रशासनिक व्यवस्थाओं और संगठनात्मक विषयों पर चर्चा हुई। नियमित महासचिव की नियुक्ति पर अभी अंतिम फैसला नहीं लिया गया है।
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कृष्ण मोहन - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
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राम मंदिर ट्रस्ट की महत्वपूर्ण बैठक मंगलवार को संपन्न हो गई। करीब ढाई घंटे तक चली बैठक में ट्रस्ट से जुड़े विभिन्न प्रशासनिक और संगठनात्मक विषयों पर चर्चा की गई। बैठक समाप्त होने के बाद ट्रस्ट के सदस्य वापस रवाना होने लगे।

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बैठक में लिए गए प्रमुख निर्णयों में यह तय किया गया कि डॉ. कृष्ण मोहन फिलहाल राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव का कार्यभार संभालेंगे। यह व्यवस्था अगले निर्णय तक प्रभावी रहेगी। बैठक के दौरान मंदिर निर्माण, ट्रस्ट के प्रशासनिक कार्यों और अन्य व्यवस्थाओं पर भी विचार-विमर्श हुआ। हालांकि बैठक में हुई अन्य चर्चाओं और निर्णयों का विस्तृत विवरण अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है। ट्रस्ट की ओर से जल्द ही आधिकारिक जानकारी जारी किए जाने की संभावना है।

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राम मंदिर ट्रस्ट की इस बैठक पर प्रदेश और देशभर के श्रद्धालुओं की नजर बनी हुई थी। फिलहाल डॉ. कृष्ण मोहन के महासचिव का कार्यभार संभालने के निर्णय को ट्रस्ट के प्रशासनिक कामकाज की निरंतरता बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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राम चढ़ावा चोरी की तहरीर कृष्ण मोहन ने ही दी थी

उत्तर प्रदेश के हरदोई निवासी एवं ट्रस्टी कृष्ण मोहन को महासचिव नियुक्त किया गया है। अब वे ट्रस्ट के प्रशासनिक और संगठनात्मक कार्यों का दायित्व संभालेंगे। बता दें कि राम चढ़ावा चोरी की तहरीर कृष्ण मोहन ने ही दी थी।कृष्ण मोहन का संबंध उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले से है।

उन्होंने 1970 के दशक में लखनऊ विश्वविद्यालय से एमएससी की शिक्षा प्राप्त की। इसके बाद उनका चयन भारतीय वन सेवा (आईएफएस) में हुआ और उन्होंने महाराष्ट्र कैडर में लंबे समय तक सेवाएं दीं। सेवानिवृत्ति के बाद वे सामाजिक और जनसेवा के कार्यों से जुड़े रहे।

कृष्ण मोहन का जन्म सितंबर 1952 में बरेली में हुआ। उनके पिता रेलवे में अधिकारी थे। मूल रूप से हरदोई जिले के शाहाबाद क्षेत्र के सिकंदरपुर बाजार निवासी कृष्ण मोहन ने लखनऊ विश्वविद्यालय से एमएससी की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद करीब पांच वर्ष तक एटॉमिक एनर्जी विभाग में वैज्ञानिक के रूप में कार्य किया। बाद में उनका चयन भारतीय वन सेवा में हुआ और महाराष्ट्र कैडर मिला। वर्ष 2012 में अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक के पद से सेवानिवृत्त हुए।
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