अयोध्या के करौंदी गांव में सोमवार को खेल-खेल में कार के भीतर बंद होने से नफीस के तीन वर्षीय पुत्र अख्तर रजा की मौत हो गई। आठ वर्षीय पुत्री की हालत गंभीर बनी हुई है। नफीस के घर 11वीं शरीफ का कार्यक्रम था, जिसमें शामिल होने के लिए रिश्तेदार भी आए थे। एक मेहमान ने कार को बिना लॉक किए घर के पास खड़ी कर दी।
दोपहर में सभी लोग कार्यक्रम में व्यस्त थे। इसी दौरान खेलते-खेलते नफीस का तीन वर्षीय बेटा अख्तर रजा और पांच वर्षीय बेटी माही कार में जा बैठे। इसके बाद कार का दरवाजा बंद हो गया और दोनों भीतर ही फंस गए।
काफी देर तक जब बच्चे नजर नहीं आए, तो उनकी खोजबीन शुरू हुई। परिजनों ने देखा कि दोनों कार में अचेत पड़े हैं। कार का शीशा तोड़कर उन्हें बाहर निकाला गया। परिजन दोनों को लेकर रुदौली सीएचसी पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने अख्तर को मृत घोषित कर दिया। माही की हालत गंभीर बनी हुई है। डॉक्टरों के अनुसार कार के भीतर ऑक्सीजन की कमी से दम घुटने से मासूम की मौत हुई है। घटना के बाद से परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।
कार से निकलने के बाद लॉक जरूर करें
एआरटीओ प्रशासन डॉ.आरपी सिंह ने बताया कि कार से निकलने के बाद उसे लॉक जरूर करें। कभी भी बच्चों को कार के भीतर अकेला न छोड़ें। अगर कभी छोड़ना भी पड़े, तो कार के सभी शीशे खोल दें या किसी को उनके साथ बैठा दें। शीशे बंद होने से अंदर ऑक्सीजन की कमी हो जाती है, जिससे दम घुट सकता है।