समन्वय स्थापित करने का कार्य करेंगे
इसके अलावा सीईओ ट्रस्ट बोर्ड, उसके अध्यक्ष, राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन के बीच समन्वय स्थापित करने का कार्य करेंगे। प्रशासनिक निर्णयों के क्रियान्वयन और विभिन्न एजेंसियों के बीच तालमेल सुनिश्चित करना भी उनकी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होगी।
ट्रस्ट के अनुसार, सीईओ का पद राम मंदिर के प्रशासनिक ढांचे में एक अहम बदलाव माना जा रहा है। 22 जुलाई की बैठक में सीईओ के नाम की घोषणा की जा सकती है। सीईओ के चयन के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन पहले ही कर दिया गया है।
भीड़ का प्रभावी प्रबंधन भी होगी चुनौती
हर दिन लाखों श्रद्धालुओं के दर्शन और त्योहारों के दौरान उमड़ने वाली भीड़ के प्रभावी प्रबंधन की जिम्मेदारी भी सीईओ निभाएंगे। इसके लिए वह जिला प्रशासन और पुलिस के साथ समन्वय बनाकर दर्शन व्यवस्था, प्रवेश और निकास की योजना तैयार करेंगे।
मंदिर परिसर में चल रहे शेष निर्माण कार्यों, भवनों के रखरखाव, सीसीटीवी नेटवर्क, सुरक्षा व्यवस्था और अन्य आधारभूत सुविधाओं की निगरानी भी सीईओ के दायित्व में शामिल होगी। ट्रस्ट की ओर से लिए गए निर्णयों को जमीन पर लागू कराने की जिम्मेदारी भी उन्हीं की होगी।