श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र से जुड़े विवादों के बीच एक नया मामला सामने आया है। ट्रस्ट के आमंत्रित सदस्य रहे गोपाल राव की गाड़ी पर अब भी ट्रस्ट सहयोगी, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ लिखा हुआ पास लगा होने का दावा किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि इस पास पर गोपाल राव का नाम और किसी दूसरे व्यक्ति की फोटो चस्पा है। पास पर येलो जोन में प्रवेश की अनुमति भी अंकित है।
इस संबंध में गाड़ी और पास की तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं। तस्वीरों के वायरल होने के बाद पास के उपयोग और उसकी वैधता को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि संबंधित पास वर्तमान में वैध है या नहीं तथा उसका उपयोग किस आधार पर किया जा रहा था।फिलहाल श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट या प्रशासन की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मामले में कस्टडी रिमांड पर लिए गए आरोपियों की निशानदेही पर एक कार, चोरी के गहने और करीब दो लाख रुपये की नकदी बरामद की है। 40 घंटे तक चली पूछताछ और बरामदगी की कार्रवाई अब खत्म हो गई है। तीनों आरोपियों को पुलिस ने रिमांड अवधि पूरी होने के बाद जेल भेज दिया है। पुलिस अब तक चार आरोपियों को रिमांड पर ले चुकी है, टिन्नू या मनीष को भी रिमांड पर लेने की तैयारी है।
पुलिस ने कोर्ट की अनुमति के बाद बुधवार सुबह अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा और करुणेश पांडेय को कस्टडी रिमांड पर लिया था। पहले दिन सभी आरोपियों को घटना स्थल पर ले जाया गया था। वहीं उस जगह पर भी आरोपी ले जाए गए थे जहां पर ये सभी रकम का बंटवारा कर पार्टी करते थे लंबी पूछताछ के बाद आरोपियों ने कई राज उगले। सामने आया कि अनुकल्प ने चोरी की रकम से अपने पिता के नाम पर डिजायर कार खरीदी थी। जिसको पुलिस ने तत्काल बरामद किया। साथ ही तीनों की निशानदेही पर करीब दो लाख रुपये की नकदी व गहने बरामद किए। सूत्रों के मुताबिक गहनों कीमत छह से आठ लाख तक है।
पत्नी को गिफ्ट की थी कीमती चेन
जांच में सामने आया अनुकल्प ने पत्नी को एक कीमती सोने की चेन दी थी। जो चोरी की रकम से खरीदी गई थी। पुलिस उसको भी बरामद कर लया है। पुलिस ने सभी बरामद गहने और नोटों के बंडलों को सीज कर दिया है। सभी चीजों काे केस का सुबूत बनाया है। कुछ नकदी व थोड़े जेवरात लवकुश व करुणेश की निशानदेही पर बरामद किए गए हैं।
शेयर मार्केट में भी खपाई रकम
अनुकल्प व लवकुश ने बताया कि उन्होंने शेयर मार्केट में भी रकम लगाई है। जो चढ़ावा चोरी की है। पुलिस को शेयर मार्केट संबंधी सभी एकाउंट आदि मिल गए हैं। चूंकि बैंक खाते पहले ही फ्रीज कराए जा चुके हैं लिहाजा उससे लेनदेन होने की संभावना नहीं है। पुलिस इन खातों की ट्रांजेक्शन डिटेल सुबूत के तौर पर विवेचना में शामिल करेगी।
मकसद के तहर लगाई गई थी ड्यूटी
आरोपियों ने पुलिस को बताया कि टिन्नू और सुभाष श्रीवास्तव की मिलीभगत की वजह से उनको दिक्कत नहीं होती थी। साजिश के तहत ही सभी की ड्यूटी लगाई जाती थी। लंबे समय से इसमें बदलाव नहीं किया गया था। ताकि आराम से रकम पार की जा सके।
कई और लोगों के नाम बताए, जांच शुरू
सूत्रों के मुताबिक आरोपियों ने कुछ और लोगों के नाम बताए हैं। जिन पर संलिप्तता का आरोप लगाया है। पुलिस अब उन सभी की भूमिका की जांच शुरू की है। जांच में पुलिस देखेगी कि ये आरोप सही हैं या नहीं। उसी आधार पर उन पर कार्रवाई करेगी।
राम मंदिर ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि
- फोटो : ANI
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में जेल भेजे गए गणनाकर्मियों के अलावा अन्य सभी वही गणनाकर्मी भी दान राशि का हिसाब-किताब कर रहे हैं। ये सभी वही कर्मचारी हैं, जिनको सैनिक सिक्योरिटी कंपनी की तरफ से हाउसकीपिंग के काम के लिए नियुक्त किया गया था। सवाल है कि आखिर इतनी बड़ी घटना होने के बावजूद इन सभी को क्यों नहीं बदला गया।
दरअसल, ट्रस्ट की सिफारिश पर 46 कर्मियों को आउटसोर्सिंग कंपनी के जरिए नियुक्त करने के लिए बैंक ने कंपनी को पत्र भेजा था। सैनिक सिक्योरिटी कंपनी ने सभी की नियुक्ति कर दी थी। नियुक्त किए गए कर्मियों को बतौर हाउसकीपिंग के काम के लिए रखा गया था। लेकिन, वहां पर इन सभी को गणना जैसे संवेदनशील काम में लगा दिया गया। सूत्रों के मुताबिक, घटना का खुलासा होने और आरोपियों के जेल जाने के बाद अन्य किसी गणनाकर्मी को नहीं हटाया गया। वह जस का तस गणना के कार्य में लगे हैं। सवाल है कि आखिर इन सभी को क्यों नहीं बदला गया, जिससे गणना प्रक्रिया में और पारदर्शिता लाई जा सके।
केवल ये कदम उठाए गए
अब तक नियमों को ताक पर रखकर गणना होती थी। अब बाकायदा तय ड्रेस में गणनाकर्मी गणना कर रहे हैं। सभी बिना जेब वाले कपड़े पहन रहे हैं। वीडियोग्राफी भी कराई जा रही है। वहीं, निगरानी बढ़ाई गई है। लेकिन, पूरे स्टाफ को बदला नहीं गया है। सूत्र बताते हैं कि एसओपी की कुछ शर्तों को पूरा कर मामला दुरुस्त करने का दावा किया जा रहा है। सवाल है कि आखिर कंपनी से करार खत्म कर मानक के अनुरूप गणनाकर्मियों की तैनाती क्यों नहीं की जा रही है।
नए एसपी सुरक्षा को पूरी तरह मिली कमान
अयोध्या में तैनात रहे एसपी सुरक्षा बलरामाचारी का 25 मई को यूपी-112 तबादला हुआ था। लेकिन, तब से वह रिलीव नहीं हुए थे। तीन जुलाई को नवागत एसपी सुरक्षा विजय शंकर मिश्रा ने बतौर एसपी सुरक्षा ज्वॉइन कर लिया था। चूंकि ट्रस्ट की बैठक थी, इसलिए बलरामाचारी को रिलीव नहीं किया गया था। मंगलवार को वह रिलीव हो गए। अब सुरक्षा व्यवस्था की पूरी कमान विजय शंकर मिश्रा के पास है।