अयोध्या। समय पर टीकाकरण न होने से बीकापुर ब्लॉक के चकसेनपुर गांव निवासी नौ वर्षीय अक्षय गुप्ता डिफ्थीरिया की चपेट में आ गया। गले में तेज दर्द, गला जाम होने और सांस लेने में तकलीफ के बाद परिजन उसे 31 जुलाई को जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। जांच में डिफ्थीरिया के गंभीर लक्षण मिलने पर बच्चे को तत्काल मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया।
मेडिकल कॉलेज के पीडियाट्रिक विभाग के एचओडी डॉ. आनंद शुक्ला ने बताया कि अक्षय को 31 जुलाई को भर्ती किया गया था। जांच में सामने आया कि उसे पेंटावेलेंट, डीपीटी और एमआर का टीका नहीं लगा था। गले में सफेद झिल्ली बनने और सांस लेने में परेशानी के कारण उसकी हालत गंभीर थी। करीब 21 दिन उपचार के बाद बच्चा पूरी तरह स्वस्थ हो गया और बृहस्पतिवार को उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
डॉ. शुक्ला ने बताया कि डिफ्थीरिया को आम भाषा में गला घोंटू बीमारी भी कहा जाता है। इससे बचाव के लिए बच्चों का निर्धारित समय पर टीकाकरण जरूरी है। उन्होंने बताया कि टीके की पहली खुराक बच्चे के जन्म के बाद निर्धारित चार सप्ताह और कई अंतराल के बाद किशोरावस्था तक टीकाकरण जारी रहता है। डिफ्थीरिया केवल बच्चों को ही नहीं, बल्कि बड़ो को भी प्रभावित कर सकता है।