अयोध्या। डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय का 49वां स्थापना दिवस सोमवार को धूमधाम से मनाया गया। विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। छात्र-छात्राओं की प्रस्तुति में शिव, राम और कृष्ण की अनूठी झलक देखने को मिली। कार्यक्रम में सेवानिवृत्त कर्मचारियों और अधिकारियों को सम्मानित भी किया गया। स्थापना दिवस समारोह का शुभारंभ कुलपति प्रो. प्रतिभा गोयल और मुख्य अतिथि महापौर महंत गिरीशपति त्रिपाठी ने किया।
महापौर ने कहा कि हम लोग इतिहास के उस कालखंड में है, जब अयोध्या में नया इतिहास बन रहा है। इस समय अवध विश्वविद्यालय भी अपना इतिहास बना रहा है। इस विश्वविद्यालय ने अपनी लंबी यात्रा तय की है। रामनगरी की शिक्षा व्यवस्था, यहां की सोच, संस्कृति, सामाजिक व्यवस्था में विश्वविद्यालय का अनोखा और अनुपम योगदान है। वहीं, कुलपति ने बताया कि विश्वविद्यालय में 700 से अधिक कॉलेज संबद्ध हैं। सात लाख विद्यार्थी शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। कैंपस में आर्ट्स, साइंस, इंजीनियरिंग आदि में शिक्षा दी जा रही है। 7000 विद्यार्थी इस कैंपस में पढ़ाई करते हैं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 का क्रियान्वयन दो साल पूर्व ही शुरू हो चुका है। पिछले एक साल से वैल्यू बेस्ड शिक्षा प्रदान करने की कोशिश की जा रही है।
इसके बाद विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। सबसे पहले छात्राओं ने गणपति वंदना की। इसके बाद शिव जी के भजनों पर बीए के छात्र ने अनूठा नृत्य कर सभी का मन मोह लिया। वहीं एमबीए के विद्यार्थियों ने मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ा नाटक प्रस्तुत किया। छात्र-छात्राओं ने सनातन संस्कृति से जुड़े भजन व नृत्य पेश किए। आखिर में अलग-अलग देवी देवताओं की वेशभूषा में विद्यार्थियों ने फैशन शो भी प्रस्तुत किया। इस मौके पर कुलसचिव डाॅ. अंजनी कुमार मिश्र, अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. नीलम पाठक, प्रो. आशुतोष सिन्हा, प्रो. चयन कुमार मिश्र व परीक्षा नियंत्रक उमानाथ मौजूद रहे।