अयोध्या। जिले में यूपी बोर्ड की हाईस्कूल चित्रकला विषय की परीक्षा मंगलवार को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। परीक्षा 115 केंद्रों पर आयोजित की गई। दोनों पालियों में 38,474 विद्यार्थियों परीक्षा दी। परीक्षाएं 12 मार्च को समाप्त हो जाएंगी।
हाईस्कूल चित्रकला विषय की परीक्षा में 34,263 पंजीकृत थे। इनमें से 32,340 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी, 1923 विद्यार्थी अनुपस्थित रहे। वहीं, इंटरमीडिएट की कृषि व व्यवसायिक परीक्षा में 1128 में से 1089 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी, 39 ने छोड़ दी।
चित्रकला विषय की परीक्षा में विद्यार्थियों को मुख्य रूप से चित्र निर्माण से जुड़े प्रश्न आए थे। प्रश्नपत्र पहले भाग में विद्यार्थियों को प्राकृतिक दृश्य से संबंधित चित्र बनाने के लिए आया था, जिसमें सूर्यास्त, पेड़, झोपड़ी और मानव आकृतियों के साथ एक ग्रामीण का दृश्य बनाने के लिए आया था। इस चित्र को रंगों के माध्यम से आकर्षक रूप में प्रस्तुत करना था। इसके अलावा डिजाइन और तकनीकी ड्राइंग से जुड़े प्रश्न भी आए थे। प्रश्नपत्र के दूसरे भाग में तकनीकी चित्रकला से संबंधित प्रश्न पूछे गए, जिनमें ज्यामितीय आकृतियों की रचना करनी थी।
परीक्षा के तीसरे भाग में स्मृति चित्रण और भारतीय चित्रकला से जुड़े प्रश्न शामिल थे। स्मृति चित्रण में विद्यार्थियों को आम की पत्तियों, सेब, फूलों की टहनी, बाल्टी और मग जैसी वस्तुओं के चित्र बनाकर उनमें प्रकाश और छाया का प्रभाव दिखाने के लिए कहा गया था। वहीं, भारतीय चित्रकला से जुड़े भाग में ललित कला से संबंधित सामान्य ज्ञान के प्रश्न भी पूछे गए, जिनमें भीमबेटका गुफाओं का स्थान जो (मध्य प्रदेश के रायसेन जिले में भोपाल के पास स्थित एक प्रसिद्ध 2003 से यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल हैं और मुगलकालीन चित्रकारों से संबंधित प्रश्न आए थे।
द्वितीय पाली में इंटरमीडिएट की गृह विज्ञान विषय की परीक्षा भी आयोजित की गई। इस परीक्षा में 5332 विद्यार्थी पंजीकृत थे, जिनमें से 5045 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी, जबकि 287 विद्यार्थी अनुपस्थित रहे। परीक्षा के दौरान सभी केंद्रों पर अधिकारियों और शिक्षा विभाग की टीमें लगातार निरीक्षण करती रहीं। केंद्रों पर नकल रोकने के लिए कड़े इंतजाम किए गए थे और सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जा रही है।
डीआईओएस डॉ. पवन तिवारी ने बताया कि जिले में यूपी बोर्ड की परीक्षाएं सुचारु रूप से चल रही हैं। सभी परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा और पारदर्शिता को ध्यान में रखते हुए व्यवस्था की गई है।