अयोध्या। मेडिकल कॉलेज के एमबीबीएस 2024 बैच के छात्र सागर पटेल की मौत मामले की जांच के लिए शासन से नामित दो सदस्यीय टीम बुधवार को कॉलेज पहुंची है। टीम ने छात्र के परिजनों के अलावा आरोपी चिकित्सक, कर्मचारियों और छात्र-छात्राओं के बयान दर्ज किए हैं।
22 अगस्त, 2025 को जौनपुर के मछलीशहर तहसील क्षेत्र के निकामुद्दीनपुर निवासी समर बहादुर पटेल के पुत्र सागर पटेल का शव हॉस्टल में फंदे से लटकता मिला था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण आत्महत्या बताया गया था। पुलिस की जांच में छात्र के मानसिक तौर से बीमार होने की बात सामने आई थी। घटना के समय शंकरगढ़ बाजार स्थित एक मनोचिकित्सक की दवाओं का परचा भी मिलने की बात कही गई थी। वहीं, घटना के बाद परिजनों ने बायोकेमिस्ट्री विभागाध्यक्ष डॉ. देवजीत शर्मा पर छात्र के उत्पीड़न का आरोप लगाया था।
उन्होंने प्राचार्य डॉ. सत्यजीत वर्मा और असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. मनीष वर्मा पर उत्पीड़न के आरोप लगाए थे। मछलीशहर की विधायक रागिनी सोनकर ने मामले की शिकायत मुख्यमंत्री से की थी। इसके बाद छात्र के पिता ने लोकायुक्त में शिकायती पत्र देकर तीनों चिकित्सकों पर भ्रष्टाचार और छात्र की हत्या के आरोप लगाए थे। हालांकि, अभी तक मामले में एफआईआर दर्ज नहीं है।
टीम में फोरेंसिक विशेषज्ञ भी शामिल
महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा के निर्देश पर बांदा मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सुनील कौशल और फोरेंसिक मेडिसिन के डॉ. मुकेश बुधवार की दोपहर करीब 12 बजे कॉलेज आए। उन्होंने प्राचार्य कक्ष में सागर के माता-पिता के बयान दर्ज किए। इसके बाद डॉ. देवाजीत शर्मा, डॉ. मनीष वर्मा व अन्य संकाय सदस्यों के बयान लिए गए। तत्कालीन प्राचार्य डॉ. सत्यजीत वर्मा का फोन पर ही बयान लिया गया। इसके बाद एमबीबीएस के छात्र-छात्राओं और कर्मचारियों का भी बयान दर्ज हुआ। प्राचार्य डॉ. दिनेश सिंह मार्तोलिया ने बताया कि जांच गोपनीय है। इसलिए जांच के दौरान सामने आए तथ्यों को सार्वजनिक नहीं किया जा सकता।