बलरामपुर। नौ साल पुराने दुष्कर्म के मामले में विशेष पॉक्सो अदालत ने दो दोषियों को 20-20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने घनश्याम पर छह हजार और गोली उर्फ उमेश यादव पर पांच हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। वहीं, सहयोगी लहरी उर्फ बोस कुमार यादव को एक वर्ष के कारावास से दंडित किया गया। फैसला अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट राहुल सिंह की अदालत ने सुनाया।
मामला कोतवाली देहात क्षेत्र का है। पांच जून 2017 को पीड़िता के पिता ने पुलिस को तहरीर देकर आरोपियों पर बेटी से दुष्कर्म का आरोप लगाया था। तहरीर के आधार पर सेमरहना निवासी घनश्याम, महराजगंज तराई निवासी गोली उर्फ उमेश यादव और लहरी उर्फ बोस कुमार यादव के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने विवेचना पूरी कर आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया।
सुनवाई के दौरान अभियोजन की ओर से पेश साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अदालत ने घनश्याम और गोली उर्फ उमेश को दुष्कर्म का दोषी माना। दोनों को 20-20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई गई। वहीं, लहरी उर्फ बोस कुमार यादव को घटना में सहयोग करने के आरोप में एक वर्ष के कारावास से दंडित किया गया।