श्रीराम जन्मभूमि परिसर में निमार्णाधीन सप्त मंडपम मंदिर
अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि परिसर में राम मंदिर के अतिरिक्त अन्य कई प्रकल्पों पर भी काम चल रहा है। परिसर में सप्त मंडपम का भी निर्माण किया जा रहा है। राम के समकालीन सात पात्रों के मंदिर बनाए जाने हैं। साथ ही श्री राम की गाथा को जन-जन तक पहुंचाने वाले गोस्वामी तुलसीदास का भी मंदिर बनाने की योजना पर मुहर लग चुकी है। यह मंदिर श्री राम जन्मभूमि दर्शन पथ से सेट तीर्थ यात्री सुविधा केंद्र परिसर में स्थापित किया जाएगा।
यहां गोस्वामी तुलसीदास की संगमरमर से निर्मित मूर्ति स्थापित की जाएगी। यह मूर्ति नोएडा से बनकर आएगी। अक्टूबर तक तीन फीट ऊंची मूर्ति अयोध्या पहुंच जाएगी और नवंबर माह में इस मूर्ति को तीर्थ यात्री सुविधा केंद्र परिसर में स्थापित कर दिया जाएगा। बताते चलें कि इससे पहले गोस्वामी तुलसीदास की मूर्ति स्थापना का विचार नहीं था। प्राण प्रतिष्ठा के दौरान अयोध्या आए प्रख्यात कथा व्यास मोरारी बापू ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय को तुलसीदास का भी मंदिर बनाने का सुझाव दिया था। इसके बाद महासचिव चंपत राय ने यह सुझाव ट्रस्ट की बैठक में रखा और इस पर सहमति बन गई। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य महंत दिनेंद्र दास कहते हैं कि तुलसीदास का मंदिर बनने पर सहमति बन गई है। अयोध्या भगवान श्री राम की जन्मस्थली के साथ ही रामचरित मानस की भी जन्मस्थली है। अयोध्या से ही गोस्वामी तुलसीदास ने रामचरित मानस के बालकांड की रचना की थी और राम की कथा को जन-जन तक पहुंचाने का मार्ग प्रशस्त किया था।