यूपी के अयोध्या में मेडिकल कॉलेज के टीबी एंड चेस्ट विभाग के चिकित्सकों ने श्वासनली में फंसा दांत निकालकर एक अधेड़ की जान बचाई है। इसके लिए चिकित्सकों को दो बार ब्रोंकोस्कोपी करनी पड़ी। सफल इलाज के बाद मरीज ने चिकित्सकों के प्रति आभार जताया है।
अंबेडकरनगर निवासी सतीश कुमार (50) अपने गांव के पास झोलाछाप के पास दांत उखड़वा रहे थे। इस बीच उनका दांत निकलकर सीधे श्वासनली में चला गया। उनकी आवाज गायब हो गई। तेज खांसी भी आने लगी। स्थानीय स्तर पर इलाज के बाद आराम नहीं मिला तो परिजन उन्हें लेकर मेडिकल कॉलेज के टीबी एंड चेस्ट विभागाध्यक्ष डॉ. शिवकुमार वर्मा से संपर्क साधा। एक्सरे कराने पर कुछ स्पष्ट नहीं दिखा तो उन्होंने ब्रोंकोस्कोपी की सलाह दी।
मेडिकल कॉलेज में स्थापित मशीन से ही उन्होंने पहली बार जांच की तो दांत नहीं निकल सका, लेकिन चिकित्सकों ने हार नहीं मानी। बुधवार को फिर से डॉ. एसके वर्मा ने डॉ. अभिषेक चंद्रा व अन्य के साथ लगभग आधे घंटे तक ब्रोंकोस्कोपी की। इस बार टूटा दांत सफलतापूर्वक निकाला गया। इसके बाद मरीज की हालत सामान्य हुई।
500 रुपये के शुल्क में इलाज हो गया
डॉ. एसके वर्मा ने बताया कि निजी केंद्रों पर ब्रोंकोस्कोपी के लिए मरीज को 15,000 रुपये चुकाना पड़ता है, लेकिन मेडिकल कॉलेज में महज 500 रुपये के शुल्क में इलाज हो गया। अब मरीज की हालत खतरे से बाहर है। वहीं, सफल इलाज पर प्राचार्य डॉ. सत्यजीत वर्मा, सीएमएस डॉ. अरविंद सिंह, ब्लडबैंक विभागाध्यक्ष डॉ. डीके सिंह आदि ने पूरी टीम को बधाई दी है।