अयोध्या। मिल्कीपुर उपचुनाव में मतदान के दौरान भाजपा विधायक रामचंद्र यादव और उनके गांव घटाैली पर भी निगाहें टिकी रहीं। वैसे तो वे इस समय रुदौली विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं लेकिन मिल्कीपुर पर भी उनका राजनीतिक प्रभाव माना जाता है। यहां से वे दो बार विधायक भी रह चुके हैं। खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रामचंद्र को यादव वोटरों को भाजपा के पक्ष में लाने की जिम्मेदारी सौंपी थी।
ऐसे में वे सुबह से ही अपने गांव घटौली में परिवार के अन्य सदस्यों के साथ मौजूद रहे। इनके छोटे भाई राम प्रताप यादव मिल्कीपुर के ब्लॉक प्रमुख भी रह चुके हैं। वे गांव में ही परिवार के अन्य सदस्यों के साथ रहते हैं। रुदौली विधायक ने सबसे पहले राम चरण इंटर कॉलेज के बूथ पर मतदान किया। इसके बाद गांव की मुख्य बाजार में आकर एक चाय की दुकान पर समर्थकों के साथ बैठ गए।
इस दौरान गांव के अपने सभी समर्थकों को वोट डालने के लिए प्रेरित करते रहे। इसके साथ ही फोन पर ही पूरे विधानसभा क्षेत्र के यादव बहुल्य और अपने समर्थकों की मौजूदगी वाले इलाकों का हाल लेते रहे। तमाम बूथों से जुड़े कस्बों व गांवों में विधायक ने पहले से ही अपनी टीम को मुस्तैद कर दिया था। टीम के सदस्य पल-पल की रिपोर्ट देते रहे। कहीं पर सपा के किसी नेता या समर्थक की ओर से किसी तरह के व्यवधान की सूचना मिलती तो उसका भी निराकरण कराते रहे।
विधायक के गांव में कुल 5500 मतदाता हैं। इनमें से 2871 वोटर हैं। सबसे ज्यादा आबादी ब्राह्मण वोटरों की है। इसके बाद दूसरे नंबर पर एससी मतदाता हैं। इसी तरह यादव, मौर्य, कुर्मी और मुस्लिम समाज की भी मिलीजुली आबादी है। इन सभी पर उनका प्रभाव माना जाता है। इतना ही नहीं पूरे विधानसभा क्षेत्र के बड़ी संख्या में यादव समाज के वोटरों को भी उनका समर्थक माना जाता है। अब आठ फरवरी को नतीजे आने के बाद ही स्पष्ट होगा कि रुदौली विधायक अपने प्रयास में कितना सफल रहे।