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Ayodhya News: अयोध्या में अब हर साल मनाए जाएंगे तीन नए उत्सव

Sun, 18 Jan 2026 08:02 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
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12- राम मंदिर के ​शिखर पर लहराता ध्वज और दर्शन को जाते श्रद्धालु- ट्रस्ट
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नितिन मिश्र
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अयोध्या। रामनगरी अयोध्या में अब तीन नए उत्सव जुड़ गए हैं। हर साल अन्य उत्सव की तरह ही इन तीन उत्सवों को पूरे शान के साथ मनाया जाएगा। अयोध्या की धार्मिक परंपराओं में एक और ऐतिहासिक अध्याय जुड़ने जा रहा है। श्रीराम मंदिर में हुए ध्वजारोहण की तिथि को मठ-मंदिरों की वार्षिक उत्सव तालिका में शामिल करने की तैयारी शुरू हो गई है। खास बात यह है कि प्राण प्रतिष्ठा की तिथि पहले ही पंचांग में दर्ज हो चुकी है और अब दोनों तिथियों को स्थायी रूप से उत्सव परंपरा का हिस्सा बनाने पर मंथन चल रहा है।



राम नगरी में जिस तरह रामनवमी, सावन मेला व कार्तिक मेले का उत्सव मनाया जाता है, उसी तर्ज पर राम मंदिर से जुड़े तीन नए उत्सव अब अयोध्या की धार्मिक-सांस्कृतिक परंपराओं का हिस्सा बनेंगे। भूमि पूजन की तिथि पर अयोध्या में 2021 से उत्सव होता आ रहा है। वहीं 2024 में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद अब हर साल प्रतिष्ठा द्वादशी का उत्सव भी मनाया जाता है। 25 नवंबर 2025 को राम मंदिर के शिखर पर ध्वजारोहण के साथ ही मंदिर निर्माण के पूर्णता की घोषणा कर दी गई है। अब ध्वजारोहण की तिथि पर भी हर साल उत्सव मनाने की योजना है।
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महंत विवेक आचारी ने बताया कि जब कोई तिथि पंचांग और उत्सव तालिका में दर्ज होती है, तो वह केवल आयोजन नहीं रह जाती, बल्कि सांस्कृतिक स्मृति बन जाती है। ध्वजारोहण की तिथि के शामिल होने से श्रद्धालुओं को हर वर्ष उस ऐतिहासिक क्षण को स्मरण करने का अवसर मिलेगा, जिसने राम मंदिर को उसकी पूर्ण पहचान दी। रामभक्तों के लिए ये तीनों तिथियां उत्सव से कम नहीं हैं।



राम मंदिर ट्रस्ट भी तैयार करेगा कैलेंडर
राम मंदिर में पूरे वर्ष के उत्सवों के आयोजन के लिए वार्षिक कैलेंडर के निर्माण पर राम मंदिर ट्रस्ट विचार कर रहा है। इस नए कैलेंडर में पारंपरिक उत्सव के साथ नए उत्सव भी जोड़े जाएंगे। उत्सव तालिका में राममंदिर निर्माण के लिए किए गए भूमिपूजन, रामलला की प्राण प्रतिष्ठा व ध्वजारोहण की तिथि को जोड़ने की योजना है। इसको लेकर संतों व आचार्यों के साथ ट्रस्ट जल्द ही बैठक करेगा। संतों से अपील की जाएगी कि अयोध्या के मठ-मंदिरों की उत्सव तालिका में इन तीनों उत्सव की तिथि को जोड़ा जाए।
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मंदिर में पूरे साल मनाए जाएंगे यह उत्सव

राम मंदिर में उत्सव की शुरुआत मकर संक्रांति से होती है। मंदिर परिसर में मकर संक्रांति, वसंत पंचमी, प्रतिष्ठा द्वादशी, राम नवमी, सीता नवमी, नरसिम्हा जयंती, भूमि पूजन की वर्षगांठ, सावन झूला उत्सव, जन्माष्टमी, बावन द्वादशी, विजयादशमी, शरद पूर्णिमा, दिवाली, विवाह पंचमी और ध्वजारोहण का उत्सव भी मनाया जाएगा।
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