मिल्कीपुर। राधास्वामी सत्संग से लौट रहे तीन श्रद्धालुओं की मृत्यु की खबर से दोनों गांव में मातमी सन्नाटा पसरा है। अधिकतर परिजन लखनऊ जा चुके हैं। लखनऊ में ही सभी आठ घायलों का भी इलाज चल रहा है। हादसे में गांव के तीन परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। यह सभी परिवार मूल रूप से खेती-किसानी और दिहाड़ी मजदूरी कर अपना जीवन यापन करते हैं।
पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर रविवार दोपहर हुए हादसे में इनायतनगर थाना क्षेत्र के देवगिरि पूरे राजकुमार गांव के ही बाबूराम, शांतिदेवी और पड़ोसी गांव पूरे जानकी की इंद्रपति पत्नी रामप्रसाद की मौत हुई है। सभी लोग शनिवार सुबह बोलेरो से गोसाईंगंज लखनऊ स्थित राधास्वामी सत्संग में शामिल होने गए थे।
हादसे के शिकार हुए बाबूराम का इकलौता पुत्र हरिराम पंजाब में दिहाड़ी मजदूर है। घर पर उनकी बहू गायत्री अपने चार बच्चों के साथ मदद के लिए रिश्तेदारों का इंतजार कर रही हैं। वहीं मृतक शांति के चार पुत्र शत्रुघ्न, हरिश्चंद्र, अमरनाथ और अंगद हैं, जिनका भरा-पूरा परिवार है। सभी खेती किसानी से अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं। इसी तरह मृतक इंद्रपति का परिवार भी खेती किसानी और मजदूरी पर निर्भर है। उनके तीन पुत्र श्याम बहादुर, रन बहादुर और रंजीत हैं।
शांति और इंद्रपति के परिजन घटना की सूचना मिलते ही लखनऊ के लिए रवाना हो गए हैं। वहीं, बाबूराम की बहू गायत्री बच्चों के साथ घर पर है। वह अपने रिश्तेदारों के आने का इंतजार कर रही है ताकि लखनऊ जा सके। इन परिवारों के लिए खेती और मजदूरी ही एकमात्र सहारा है।
फोटो 40 - बाबूराम की फाइल फोट
फोटो 40 - बाबूराम की फाइल फोट