अयोध्या। कलेक्ट्रेट सभागार में शनिवार को जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक हुई। इस दौरान खंडासा, हैरिंग्टनगंज और अर्बन क्षेत्र में सबसे अधिक शून्य खुराक बच्चे मिलने पर जिलाधिकारी ने संबंधी सीएचसी अधीक्षकों पर नाराजगी जताई। वहीं, अन्य कई कार्यक्रमों की समीक्षा के दौरान भी खामियां मिलीं।
जिलाधिकारी ने टीकाकरण के प्रति झिझक और इनकार करने वाले परिवारों का चिह्नीकरण कर उन्हें जागरूक करने और छूटे टीकाकरण सत्र समय से आयोजित करने के निर्देश दिए। क्लस्टर बैठक में अनुपस्थित रहने वाली आशाओं के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा गया। 3 से 7 अगस्त तक टीडी वैक्सीनेशन और 18 से 28 अगस्त तक एमआर अभियान को सफल बनाने के निर्देश दिए गए।
जननी सुरक्षा योजना की समीक्षा में हैरिंग्टनगंज और मसौधा में संस्थागत प्रसव बढ़ाने पर जोर दिया गया। वहीं बीकापुर, रुदौली, सोहावल और मिल्कीपुर में लाभार्थियों के भुगतान में देरी पर संबंधित अधीक्षकों और ब्लॉक अकाउंटेंट मैनेजर को चेतावनी दी गई। संस्थागत प्रसव में रुचि न लेने वाली आशा बहुओं को नोटिस देकर हटाने की कार्रवाई के निर्देश भी दोहराए गए।
बैठक में रुदौली ब्लॉक में एचपीवी टीकाकरण की धीमी प्रगति, आयुष्मान गोल्डन कार्ड बनाने में लक्ष्य से पीछे रहने और ई-कवच के माध्यम से गर्भवती महिलाओं के पंजीकरण में कमी पर भी नाराजगी जताई गई। सभी अधीक्षकों को लक्ष्य के अनुरूप कार्य पूरा करने, टीबी मुक्त अभियान को तेज करने और स्वास्थ्य योजनाओं की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
वहीं 10 अगस्त को राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस और 14 अगस्त को मॉप-अप राउंड आयोजित करने की भी जानकारी दी गई। बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. देवेंद्र कुमार, डीपीएम रामप्रकाश पटेल, डीसीपीएम अमित कुमार आदि मौजूद रहे।