अयोध्या। बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर सरयू की निर्मल धारा कुछ अधिक पावन लग रही थी। सरयू नदी के तटों पर अलौकिक दृश्य देखने को मिला। सूर्य की पहली किरण के साथ ही हजारों श्रद्धालु सरयू मां की गोद में उतरकर स्नान कर रहे थे। मानो आत्मा का शुद्धिकरण कर रहे हों, जैसे शरीर नहीं, आत्मा स्नान कर रही थी। हर डुबकी के साथ श्रद्धालुओं के मन से विकार धुलते नजर आए, घाटों पर जैसे कोई अदृश्य ऊर्जा बह रही थी।
बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर अयोध्या ने एक बार फिर साबित कर दिया कि यह नगरी केवल राम की नहीं, आत्मज्ञान और करुणा के हर स्वरूप की भूमि है। भाेर होते ही श्रद्धालुओं के जयकारों से रामनगरी गूंजने लगी। हजारों श्रद्धालु पुण्य की डुबकी लगाने सरयू के घाटों पर उमड़ पड़े। घाटों पर गूंजते मंत्रों और घंटियों की मधुर ध्वनि के बीच ऐसा लग रहा था कि समूची अयोध्या ध्यान में लीन हो गई हो। संत मौन होकर डुबकी लगा रहे थे। बुजुर्गाें के होठों पर जय श्रीराम, जय सरयू मैया के उद्घोष थे। यह दृश्य केवल पर्व नहीं, जीवंत अध्यात्म नजर आ रहा था।
इस बार स्नान घाटों पर सरयू की जलधारा न होने से श्रद्धालुओं को रेत में एक किलोमीटर तक पैदल चलना पड़ा। भीषण गर्मी और तेज धूप ने भी श्रद्धालुओं के धैर्य की परीक्षा ली। भक्तों ने सरयू स्नान कर गोदान, वस्त्र व अन्न का दान किया। इसके बाद बाद विभिन्न मंदिरों नागेश्वरनाथ, कनकभवन, हनुमानगढ़ी, रामलला के दरबार में माथा टेका। प्रशासन ने भी आस्था के संगम को सहज और सुरक्षित बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। घाटों पर सुरक्षा, स्वच्छता के पुख्ता इंतजाम थे। जल पुलिस लगातार श्रद्धालुओं से गहरे पानी में स्नान न करने की अपील करती रही।
भीड़ का सबसे ज्यादा दबाव राम मंदिर और हनुमान गढ़ी में रहा। राम मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या आम दिनों की अपेक्षा अधिक रही। देर शाम तक 90 हजार से अधिक श्रद्धालु दर्शन-पूजन कर चुके थे। दर्शनपथ पर अभी कैनोपी लगाने का काम चल रहा है, ऐसे में कुछ स्थानों पर छांव की व्यवस्था न हो पाने से श्रद्धालुओं को धूप के तीखे तेवर का सामना करना पड़ा। वहीं हनुमानगढ़ी में भी श्रद्धालुओं की लंबी कतार लगी रही। भक्तिपथ पर छांव की व्यवस्था न होने से श्रद्धालु बेहाल नजर आए।
बुद्ध पूर्णिमा पर मां सरयू की भव्य महाआरती का आयोजन किया गया। आंजनेय सेवा संस्थान की ओर से महंत शशिकांत दास के संयोजन में मां सरयू की 1051 बत्ती की महाआरती उतारी गई। श्रद्धालुओं ने दीपदान भी किया। इससे पहले मां सरयू का अभिषेक-पूजन भी किया गया। नमामि सरयू आरती सेवा ट्रस्ट के संयोजन में संत तुलसीदास घाट पर राजा महाराज के संयोजन में मां सरयू की 1051 बत्ती की महाआरती उतारी गई। इस दौरान सरयू के घाट श्रद्धालुओं के जयघोष से गूंंजते रहे।