राममंदिर में श्रीराम यंत्र के स्थापना के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में मौजूद संतगण।
अयोध्या। राम मंदिर में श्रीराम यंत्र की स्थापना को लेकर संत-महात्माओं में विशेष उत्साह है। रामनगरी के संत-धर्माचार्यों ने इसे केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि दिव्य ऊर्जा के जागरण का महत्वपूर्ण अवसर बताया है। संतों का मानना है कि यह स्थापना मंदिर परिसर को एक सशक्त आध्यात्मिक केंद्र के रूप में स्थापित करेगी। संतों के अनुसार, श्रीराम यंत्र स्थापना न केवल धार्मिक परंपरा का निर्वहन है, बल्कि यह अयोध्या को एक ऐसे आध्यात्मिक और ऊर्जा केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, जिसका प्रभाव आने वाले वर्षों तक महसूस किया जाएगा।
- श्रीराम यंत्र आध्यात्मिक विज्ञान का हिस्सा है। यंत्र की स्थापना से मंदिर में दिव्य चेतना का संचार होता है। यह साधना, भक्ति और ऊर्जा का संगम है, जो अयोध्या को विश्व के आध्यात्मिक केंद्र के रूप में स्थापित करेगा।- महंत डॉ़ भरत दास
- यंत्र स्थापना हमारी प्राचीन परंपरा का अभिन्न हिस्सा है। राम मंदिर में इसकी स्थापना से यहां आने वाले श्रद्धालुओं को विशेष आध्यात्मिक अनुभूति होगी और आस्था और भी गहरी होगी। समाज में सकारात्मक ऊर्जा और नई चेतना का संचार करेगी।-महंत जर्नादन दास
- मंत्र, यंत्र और तंत्र का यह समन्वय स्थान विशेष की ऊर्जा को सक्रिय करता है। वर्ष प्रतिपदा जैसे शुभ मुहूर्त में यह स्थापना अत्यंत फलदायी और दीर्घकालिक प्रभाव देने वाली है। श्रद्धालुओं को शांति और भक्ति का अनुभव होगा। - महंत गिरीश दास