अयोध्या। ग्रामीण क्षेत्र के मरीजों को अब डिजिटल एक्सरे के लिए जिला मुख्यालय तक भटकने से निजात मिलेगी। लगभग 95 लाख रुपये की लागत से पांच सीएचसी पर आधुनिक डिजिटल एक्सरे मशीन लगाई जाएगी। शासन ने इसकी वित्तीय स्वीकृति दे दी है। जल्द ही सुविधाएं मिलने की उम्मीद है।
जिले के ग्रामीण इलाकों में 15 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और 28 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र संचालित हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर पुरानी एक्सरे मशीन स्थित है, लेकिन कई जगहों पर अक्रियाशील हालत में है। हड्डियों में चोट, दुर्घटनाओं में फ्रैक्चर होने, सीने का एक्सरे आदि के लिए उन्हें जिला मुख्यालय या निजी केंद्रों का चक्कर लगाना पड़ता है। इससे उन्हें तमाम परेशानियों से जूझना पड़ता है।
इससे निजात के लिए सरकार ने पहले आठ सीएचसी पर डिजिटल एक्सरे सेवा शुरू कराई थी, लेकिन सीएचसी बीकापुर, रुदौली, मिल्कीपुर, सुनबा और हैदरगंज में व्यवस्था पुराने ढर्रे पर चल रही थी। सीएचसी सुनबा और हैदरगंज में कोई मशीन उपलब्ध नहीं थी। जबकि, अन्य तीनों सीएचसी में पुरानी एक्सरे मशीन से इलाज किया जा रहा था। अब सरकार ने इन पांचों सीएचसी को भी डिजिटल एक्सरे सेवा से लैस करने की योजना बनाई है।
17 फरवरी को उप्र शासन के संयुक्त सचिव आनंद कुमार राय ने महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं को इस आशय का स्वीकृति पत्र जारी किया है। इसमें उन्होंने प्रति सीएचसी 18,91,374 रुपये से डिजिटल एक्सरे मशीन स्थापित करने की अनुमति दी है। रोगियों को अच्छी फिल्म उपलब्ध कराने के लिए ड्राई व्यू प्रिंटर खरीदने का निर्देश दिया गया है। सीएमओ डॉ. देवेंद्र कुमार भिटौरिया ने बताया कि शासन के निर्देशों का अनुपालन कराया जाएगा। डिजिटल एक्सरे मशीन से रोगियों का उनके घर के पास ही बेहतर इलाज हो सकेगा।