अयोध्या। सावन के पावन मास में रामनगरी अयोध्या एक बार फिर आस्था के समुद्र से भर उठी है। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में रामलला के दिव्य दर्शन के लिए उमड़ रही श्रद्धालुओं की भीड़ हर दिन नया कीर्तिमान रच रही है। मंदिर प्रशासन और स्थानीय प्रशासन के अनुसार सावन मेले के इन शुरुआती पांच दिनों में छह लाख से अधिक श्रद्धालु श्रीरामलला के दर्शन कर चुके हैं।
विशेष रूप से पंचमी के दिन, जब राम मंदिर में झूलन उत्सव का आरंभ हुआ, करीब डेढ़ लाख भक्तों ने रामलला के दरबार में हाजिरी लगाई। यह दृश्य श्रद्धा, भक्ति और भावनाओं का अद्वितीय संगम बना। सावन में चल रहे झूलन महोत्सव के चलते मंदिर में दर्शनार्थियों की संख्या में अप्रत्याशित वृद्धि देखी जा रही है। प्रतिदिन औसतन एक लाख से अधिक श्रद्धालु कतारों में लगकर दर्शन का लाभ ले रहे हैं। प्रदेश ही नहीं, देश के कोने-कोने से आए श्रद्धालुओं ने रामलला के दर्शन को अपना सबसे बड़ा सौभाग्य बताया।
रामनवमी के बाद से रामलला के दरबार में श्रद्धालुओं की संख्या में अचानक कमी आई थी। सावन मेले से पहले रोजाना 60 से 70 हजार श्रद्धालु रामलला के दर्शन को पहुंच रहे थे। सावन माह लगते ही भोले के भक्तों की भीड़ बढ़ गई। श्रद्धालु रामलला के दरबार में दर्शन करना नहीं भूल रहे हैं जिसके चलते श्रद्धालुओं की संख्या में दो गुना की वृद्धि हो रही है। राम मंदिर के ट्रस्टी डाॅ. अनिल मिश्र ने बताया कि इस समय रोजाना करीब सवा लाख श्रद्धालु दर्शन को पहुंच रहे हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। लोगों में झूले पर विराजे रामलला के दर्शन की होड़ दिख रही है।
श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए हैं। मंदिर परिसर में तीन हजार से अधिक सुरक्षा कर्मी, 850 सीसीटीवी कैमरे और स्वयंसेवकों की टीमें दिन-रात व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखने में जुटी हैं। वृद्ध, महिलाएं और दिव्यांग श्रद्धालुओं के लिए विशेष सुविधा केंद्र, पेयजल व्यवस्था, छाया स्थल और स्वास्थ्य सेवाएं भी सुनिश्चित की गई हैं।