अयोध्या। जिले भर में विभिन्न योजनाओं से बिजली आपूर्ति व्यवस्था में सुधार के प्रयास साल भर होते रहे, फिर भी राहत नहीं मिल सकी है। उमस भरी गर्मी शुरू होने के बावजूद कई उपकेंद्रों पर मरम्मत व अनुरक्षण कार्य अभी भी चल रहे हैं, जिनकी वजह से दिन-दिन भर बिजली गायब रहती है। इससे उपभोक्ताओं को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
जिले के चार डिवीजन में लगभग पांच लाख बिजली उपभोक्ता पंजीकृत हैं। इन्हें 53 उपकेंद्रों से बिजली मिलती है। गत वर्ष भीषण गर्मी व नौतपा के बीच हाहाकार मचा तो व्यवस्थाएं धड़ाम हो गई थीं। लोग ट्रिपिंग, लो-वोल्टेज, तार जलने समेत अन्य समस्याओं से पीड़ित रहे। इससे बचने के लिए बिजली निगम ने इस बार मजबूत प्लान तैयार किया था।
सौभाग्य योजना, बिजनेस प्लान आदि के तहत वर्ष 2024-25 में कई महत्वपूर्ण कार्य जिले में स्वीकृत हुए। इनमें ट्रांसफार्मरों की क्षमतावृद्धि, नई लाइनों का निर्माण, तार, नए बिजलीघर, इंसुलेटर बदलने समेत कई कार्य शामिल हैं। गर्मी से पहले इन कार्यों को पूरा करने के दावे किए गए, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। इसका खामियाजा उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ रहा है।
लालबाग उपकेंद्र पर अनुरक्षण, मरम्मत और टेस्टिंग कार्यों के लिए 20 अप्रैल को नौ घंटे तक कटौती की सूचना दी गई। इस बीच नौ मई को फिर से ट्रांसफार्मर की क्षमतावृद्धि, अनुरक्षण, मरम्मत व टेस्टिंग कार्यों का हवाला देते हुए लगभग 10 घंटे तक बिजली काटी गई। चौक बिजलीघर से जुड़े इलाकों में इसी का हवाला देकर बिजली काटी गई और दिन भर लोग गर्मी से व्याकुल रहे।
अधिशासी अभियंता प्रदीप वर्मा ने बताया कि बिजनेस प्लान 2024-25 के दूसरे चरण के कार्य कराए जा रहे हैं। शीघ्र ही इनके पूर्ण होने की उम्मीद है, इससे भविष्य में उपभोक्ताओं को अधिक राहत मिलेगी।