अयोध्या। अब सिंधी भाषा में भी भारत का सविधान पढ़ा जाएगा। देश के उपराष्ट्रपति सीपी राधा कृष्णन शुक्रवार को उपराष्ट्रपति भवन दिल्ली में सिंधी देवनागरी भाषा में अनुवादित संस्करण का अनावरण करेंगे। भक्त प्रहलाद सेवा समिति व यूथ विंग के पदाधिकारियों ने रामनगर काॅलोनी में बैठक कर खुशी व्यक्त करते हुए इसे सिंधी समाज के लिए गर्व की बात बताया।
बैठक में समिति के अध्यक्ष कन्हैया लाल सागर व यूथ विंग के अध्यक्ष विक्रम आहूजा ने मोदी सरकार का धन्यवाद ज्ञापित किया। संरक्षक नारायण दास व राजकुमार मोटवानी ने कहा कि सिंधी भाषा में संविधान का अनुवाद होने पर देश विदेश में रहने वाले सिंधी भाषी लोग आसानी से संविधान पढ़ और समझ लेंगे। समिति के महासचिव ओमप्रकाश ओमी ने कहा कि सिंधी भाषा दिवस के दिन इस गरिमामय समारोह का आयोजन होना देश में रह रहे सिंधी समाज के लिए प्रधानमंत्री मोदी की तरफ से उपहार है।
ओमी ने बताया कि जिस पांच सदस्यीय कमेटी ने सिंधी देवनागरी भाषा में संविधान को अनुवादित किया है, उस पांच सदस्यों वाली कमेटी में अमर शहीद संत कवरराम साहिब अध्ययन केंद्र के मानद सलाहकार ज्ञान प्रकाश टेकचंदानी सरल भी शामिल हैं। बैठक में तेजकुमार माखेजा, टीकम दास माखेजा, सुरेश तलरेजा, राहुल सावलानी, उमेश संगतानी आदि ने खुशी व्यक्त की।