6- राम मंदिर परिसर का मनमोहक नजारा- ट्रस्ट
अयोध्या। ध्वजारोहण समारोह की पवित्रता और सुरक्षा प्रोटोकॉल के कारण कुछ दिनों के लिए थमे हुए राम मंदिर परिसर के निर्माण कार्य अब एक बार फिर पूरी गति से आगे बढ़ चले हैं। सप्त मंडपम के अधूरे बचे कार्यों में रविवार से नई सक्रियता लौट आई है। समारोह से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी के चलते सुरक्षा कारणों से परिसर से भारी मशीनें हटाई गई थीं और साइट पर सीमित संख्या में ही कारीगरों को प्रवेश दिया गया था, लेकिन अब पूरे क्षेत्र में फिर से मशीनों की गूंज और औजारों की खनक सुनाई देने लगी है।
निर्माण एजेंसियों के अनुसार जैसे ही ध्वजारोहण के बाद सुरक्षा प्रतिबंध हटे, तत्काल मशीनरी को फिर से तैनात किया गया और श्रमिकों की संख्या बढ़ाई गई। खासतौर पर फिनिशिंग के कार्यों जैसे पत्थर की पॉलिशिंग, अलंकरण, सूक्ष्म नक्काशी, मंडपों के जोड़–सुदृढ़ीकरण और फर्श बिछाने के लिए अतिरिक्त टीमों को लगाया गया है। सिविल और शिल्पकारी दोनों मोर्चों पर कार्य बल दोगुना कर दिया गया है, ताकि दिसंबर तक निर्धारित लक्ष्यों को पूरा किया जा सके।
साइट इंजीनियरों का कहना है कि ध्वजारोहण से जुड़े बड़े आयोजन के कारण काम कुछ दिनों तक रुका था। काम के ठहराव के दौरान माइक्रो–प्लानिंग की गई थी। लौटते ही टीमों ने उसी प्लान के हिसाब से तेजी पकड़ी है। सप्त मंडपम परिसर में इन दिनों मुख्य रूप से कलात्मक फिनिशिंग, प्लिंथ एरिया के अंतिम टच, ड्रेनेज और लाइटिंग फिटिंग का काम प्राथमिकता पर चल रहा है। कुछ स्थानों पर स्कैफोल्डिंग भी दोबारा खड़ी की गई है। श्रमिकों को तीन शिफ्ट में लगाया जा रहा है ताकि समय की भरपाई हो सके।
हरा-भरा हुआ मंदिर का कोर्ट यार्ड
ध्वजारोहण के बाद मंदिर परिसर में एक और सुखद बदलाव दिखा। कोर्ट यार्ड की हरियाली देखने योग्य है। मंडपों के आसपास लगे नए पौधों, क्यारी सज्जा और लॉन की सॉफ्ट लैंडस्केपिंग ने परिसर को नया जीवन दे दिया है। परकोटा और मंदिर के बीच का इलाका भी हरा-भरा हो गया है। इसके अलावा पंचवटी निर्माण का काम भी अंतिम चरण में पहुंच चुका है। परिसर में विभिन्न प्रकार के पौधे लगाए जा रहे हैं। निर्माण कार्य के बीच यह हरा–भरा परिदृश्य मंदिर की गरिमा में अतिरिक्त सौंदर्य जोड़ रहा है।