अयोध्या। रामनगरी में शुक्रवार की सुबह भक्ति और संस्कृति के अनूठे संगम की साक्षी बनी। श्रीराम जन्मभूमि परिसर की यज्ञशाला में केरल से आए मनोज नारायण के नेतृत्व में 25 स्वयंसेवकों ने पारंपरिक पंचवाद्यम की मंगलध्वनि प्रस्तुत की। सुबह 10 बजे शुरू हुआ यह आयोजन करीब दो घंटे चला। चेंडा, इलथालम, कोम्बू समेत पारंपरिक वाद्यों की लयबद्ध प्रस्तुति ने श्रद्धालुओं को भक्तिरस से सराबोर कर दिया।
राम मंदिर के धार्मिक कार्यक्रम प्रभारी शैलेंद्र शुक्ल ने बताया कि कार्यक्रम के बाद सभी स्वयंसेवकों ने श्रीरामलला, राम परिवार और परकोटे के सभी देवालयों के दर्शन कर आशीर्वाद लिया तथा रामनिवास में भोजन-प्रसाद ग्रहण किया। यह सांस्कृतिक प्रस्तुति उत्तर और दक्षिण भारत की परंपराओं के समन्वय तथा ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना का सशक्त संदेश बनी।